Admit card of MPPSC Preliminary Examination 2018

Admit card of MPPSC  Preliminary Examination 2018 : मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन ने स्टेट प्री का एडमिट कार्ड जारी किया है. जिसका एग्जाम 18 Feb, 208 है मध्य प्रदेश पब्लिक सर्विस कमीशन द्वारा परीक्षा में बैठने के लिए निम्न नियम दिए गए है.


  • प्रथम सत्र में 10:00 बजे तथा द्वितीय सत्र में 2:15 बजे के पश्चात परीक्षा में प्रवेश नहीं दिया जाएगा।
  • प्रवेश पत्र की जांच कर लें और उसमें कोई विसंगति हो तो परीक्षा नियंत्रक, मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग, इन्दौर को तुरन्त सूचित करें।
  • परीक्षा कक्ष में जूते-मोजे पहनकर प्रवेश वर्जित होगा। परीक्षार्थी चप्पल व सेण्डल पहनकर आ सकते हैं। चेहरे को ढककर परीक्षा कक्ष में प्रवेश वर्जित होगा। एसेसरीज़ जैसे बालों को बांधने का क्लचर/ बक्कल, घड़ी, हाथ में पहने जाने वाले किसी भी प्रकार के बैंड, कमर में पहने जाने वाले बेल्ट, धूप में पहने जाने वाले चश्में, पर्स/वालेट, टोपी वर्जित है।
  • सिर, नाक, कान, गला, हाथ-पैर, कमर आदि में पहने जाने वाले सभी प्रकार के आभूषण तथा हाथ में बंधे धागे/ कलावा/ रक्षा सूत्र आदि का सूक्ष्मता से परीक्षण कर वीक्षकों द्वारा परीक्षार्थी के कक्ष में जाने के पूर्व तलाशी ली जाएगी।
  • उत्तर-पुस्तिका पर व्हाइटनर का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है|
  • कृपया ध्यान रखे यह परीक्षा 'रोजगार एवं निर्माण' में प्रकाशित म.प्र. लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित, राज्य सेवा परीक्षा 2018 के विज्ञापन क्रमांक 05/2017 दिनांक 12.12.2017 एवं राज्य वन सेवा परीक्षा 2018 के विज्ञापन क्रमांक 06/2017 दिनांक 12.12.2017अंतर्गत संपादित की जायेगी । उक्त विज्ञापन की परीक्षा योजना में निगेटिव मार्किंग नहीं है|
  • परीक्षा कक्ष में निर्धारित अनुक्रमांक पर ही बैठे एवं उत्तर-पुस्तिका पर निर्धारित स्थान पर हस्ताक्षर अवश्य करें। प्रश्न पत्र के सेट के गोले को काले पेन से ध्यान से भरें,समस्त कार्य काले डॉट पेन से ही करें। उत्तर पत्रक मे सही उत्तर के गोले को भी काले डॉट पेन से ही भरे, सभी प्रश्नों के उत्तर देना अनिवार्य है | सेट का गोला न भरने पर मूल्यांकन नहीं किया जाएगा|
  • परीक्षा में अनुशासनहीनता तथा अनुचित साधनों का प्रयोग करने पर तत्काल आपके विरुध्द कार्यवाही करते हुये आपकों परीक्षा हाल से निष्काषित किया जायेगा | ऐसी स्थिति में आयोग विज्ञापन में दर्शित अनुशासनात्मक निर्देशों के तहत आपके विरुध्द कार्यवाही करेगा |
  • जिन आवेदकों के आनलाईन प्रवेश पत्र में उनके फोटो तथा हस्ताक्षर स्पष्ट नहीं है या अनुपलब्ध है अथवा त्रुटिपूर्ण है, ऐसे आवेदक निम्न प्रक्रिया का अनुसरण करें :- 


  1. अपने आनलाईन प्रवेश पत्र पर विहित स्थान पर अपना फोटो चिपकाकर उसके नीचे अपने हस्ताक्षर करें तथा फोटो राजपत्रित अधिकारी से प्रमाणित कराये। 
  2. अपनी फोटो की एक प्रति साथ ले जायें उक्त फोटो के पीछे अपना नाम, एप्लीकेशन नम्बर एवं रोल नम्बर अंकित करें। 
  3. अपने साथ अपने आवेदन पत्र की रसीद की प्रति (जो फार्म जमा करते समय प्राप्त हुई थी) ले जाये तथा मांगे जाने पर परीक्षक को प्रस्तुत करें।
नोट :- अनु. जाति/अनु.जनजाति/अन्य पि.वर्ग तथा नि:शक्त श्रेणी के अभ्रर्थियों को आवश्यक प्रपत्रों की पूर्तिकर यात्रा व्यय देयक केंद्राध्यक्ष को प्रस्तुत करना होगा, अभ्यर्थी को यात्रा व्यय का भुगतान उनके बैंक खाते में ऑनलाइन किया जाएगा । यात्रा व्यय का नगद भुगतान नहीं किया जाएगा ।

Admit card of MPPSC  Preliminary Examination 2018 का एडमिट कार्ड कैसे डाउनलोड करे -

यहाँ क्लिक करे एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के लिए, उसके बाद  अपना एप्लीकेशन नंबर और डेट ऑफ़ बिरथ (जन्मतिथि) दर्ज करे.

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये