एयरफोर्स एयरमैन ग्रुप एक्स, ग्रुप वाई, ग्रुप एक्स, ग्रुप एक्स वाई के सिलेबस या पाठयक्रम हिंदी में

इंडियन एयरफोर्स में एयरमैन सिलेक्शन बोर्ड के द्वारा साल में दो बार ग्रुप एक्स, ग्रुप वाई, ग्रुप एक्स, ग्रुप एक्स वाई  की भर्ती की जाती है, भर्ती के प्रथम चरण में ऑनलाइन लिखित परीक्षा का आयोजन किया जाता है. जिसमे १/४ मार्क्स की नेगेटिव मार्किंग होती है.
एयरमैन ग्रुप एक्स के लिए
इंडियन एयरफोर्स में एयरमैन ग्रुप एक्स के लिए 60 मिनट के टेस्ट में अंग्रेजी, भौतिकी और गणित के प्रश्नों पूछे जाते है.
ग्रुप वाई (एयरमैन) के लिए
इंडियन एयरफोर्स में एयरमैन ग्रुप एक्स के लिए 45 मिनट के टेस्ट में अंग्रेजी और रागा (तर्कशक्ति और सामान्य जागरूकता के प्रश्नों पूछे जाते है.
एक्स-वाई  ग्रुप एयरमैन  के लिए
इंडियन एयरफोर्स में एयरमैन ग्रुप एक्स के लिए 85 मिनट के टेस्ट में अंग्रेजी, भौतिकी,रागा (तर्कशक्ति और सामान्य जागरूकता और गणित के प्रश्नों पूछे जाते है.
ग्रुप एक्स के लिए भौतिकी  का सिलेबस
  • भौतिक मात्रक और मापन
  • कीनेमेटीक्स
  • गति के नियम
  • कार्य, ऊर्जा और शक्ति
  • कणों और कठोर शरीर की प्रणाली की गति
  • गुरुत्वाकर्षण 
  • प्रत्यास्थता पदार्थ की गुण
  • ऊष्मा गतिकी 
  • गैसों के प्रकृति और काइनेटिक सिद्धांत का व्यवहार
  • दोलन  और तरंगे 
  • इलेक्ट्रोस्टाटिक्स
  • विद्युत धारा
  • चुंबकत्व का चुंबकीय प्रभाव
  • विद्युत चुम्बकीय प्रेरण और वैकल्पिक वैकल्पिक
  • विद्युत चुम्बकीय तरंगें
  • प्रकाशिकी
  • पदार्थ की दोहरी प्रकृति
  • परमाणु और नाभिक
  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों
  • संचार प्रणाली
ग्रुप एक्स-वाई के लिए इंग्लिश का सिलेबस 
Comprehension : A small passage followed by questions.
  • To judge comprehension
  • Drawing of inferences
  • Use of vocabulary
Composition :
  • Agreement of subject with verb
  • Pattern of verb and their use.
  • Sequence of tenses.
  • Transformation of sequences-Compound, Complex, Simple, Negative, Affirmative.
Grammar :  Spellings, Word formation, Antonyms and Synonyms, One word substitution, Correct usage of articles, Correct usage of Prepositions, Correct usage of adjectives-degrees of comparison, Correct usage of conjunctions, Correct usage of Nouns and Pronouns, Correct usage of numbers (Singular-Plural), Words, which are commonly getting confused, Word order, Correct usage of Adverbs.
Idioms and Phrases
  • Use of simple idioms
  • Use of Common proverbs
Direct / Indirect sentences : Narration change
  • Change of various types of sentences from direct to indirect form
  • Change of various types of sentences from indirect to direct form
Active and Passive Voices
  • Change of all types of sentences from active to passive form
  • Change of all types of sentences from passive to active form

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये