दतिया मेडिकल कॉलेज स्टाफ भर्ती 2018


दतिया मेडिकल कॉलेज में पैरामेडिकल स्टाफ एवं अन्य स्टाफ के भर्ती के लिए सुचना जारी की है. दतिया मेडिकल कॉलेज में आवेदन आपको ऑफलाइन माध्यम से करना होगा. दतिया मेडिकल कॉलेज में कुल 142 पदों के लिए आवेदन दिनांक 18.10.2018 तक आवेदन पत्र  जमा करने के लिए पता  अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविधालय, दतिया (म.प्र.) जमा करना होगा.  आवेदक को आवेदन शुल्क बैंक ड्राफ्ट द्वारा भुगतान करना होगा 

दतिया मेडिकल कॉलेज के आवेदन शुल्क :

  • अनाक्षित श्रेणी के लोगो को 500/- का डी.डी. "स्वशासी समिति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, दतिया (म.प्र.)" के पक्ष में हो, संलग्न करना होगा. 
  • आरक्षित श्रेणी के लोगो के लिए कोई आवेदन शुल्क नहीं था. परन्तु दिनांक 11.10.2018 के आदेश अनुसार 250/-  आवेदन शुल्क कर जिसका भुगतान  डी.डी. "स्वशासी समिति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयदतिया (म.प्र.)" के पक्ष में हो, संलग्न करना होगा. 



पद का नाम  शैक्षणिक योग्यता 
फार्मा ग्रेड-2 (पद संख्या-4) फार्मा में डिप्लोमा या डिग्री  तथा मध्य प्रदेश फार्मा काउसिल में रजिस्टर हो.
इ जी सी तकनीशियन (पद संख्या-3) इ जी सी तकनीशियन में डिप्लोमा एवं मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउसिल में रजिस्टर हो.
डेंटल तकनीशियन (पद संख्या-3) डेंटल तकनीशियन में डिप्लोमा एवं मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउसिल में रजिस्टर हो.
डिसेक्शन हॉल अटेंडर(पद संख्या-4)10+2  बायोलॉजी समूह के साथ 
रेडियोग्राफर (पद संख्या-4) रेडियो तकनीशियन में डिप्लोमा एवं मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउसिल में रजिस्टर हो.
लैब असिस्टेंट (पद संख्या-10) 10+2  बायोलॉजी समूह के साथ 
तकनीशियन असिस्टेंट (पद संख्या-10) 10+2  बायोलॉजी समूह के साथ 
तकनीशियन (पद संख्या-17) लैब  तकनीशियन या ओ टी में डिप्लोमा एवं मध्य प्रदेश पैरामेडिकल काउसिल में रजिस्टर हो.
स्टाफ नर्स (पद संख्या-36) ANM या   GNM  या  B.Sc. (Nursing) में डिग्री या डिप्लोमा के साथ एवं मध्य प्रदेश नर्सिंग काउसिल में रजिस्टर हो.
नर्सिंग सिस्टर (पद संख्या-33) M.Sc (Nursing) या  B.Sc. (Nursing)  के साथ एवं मध्य प्रदेश नर्सिंग काउसिल में रजिस्टर हो. तथा  5 वर्ष में सम्बंधित क्षेत्र में अनुभव 
महिला चिकित्सा अधिकारी (पद संख्या-2) MBBS डिग्री 
आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी (पद संख्या-8) MBBS  डिग्री
नर्सिंग अधीक्षक -1 M.Sc (Nursing) या  B.Sc. (Nursing)  के साथ एवं मध्य प्रदेश नर्सिंग काउसिल में रजिस्टर हो. तथा  5 वर्ष में सम्बंधित क्षेत्र में अनुभव 
आवेदन पत्र  जमा करने के लिए पता  अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविधालय, दतिया (म.प्र.)
  डी.डी. के लिए  स्वशासी समिति शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय, दतिया (म.प्र.)
महत्वपूर्ण लिंक
आवेदन पत्र पूर्ण प्रारूप  यहाँ क्लिक करे
सुचना पत्र यहाँ क्लिक करे
विभाग की वेबसाइट  यहाँ क्लिक करे

दतिया मेडिकल कॉलेज भर्ती की आयु सीमा :

महिला चिकित्सा अधिकारी एवं आकस्मिक चिकित्सा अधिकारी के लिए न्यूतम आयु 25 वर्ष है शेष सभी पदों के लिए 18 वर्ष है. अधिकतम आयु 40 वर्ष है. आयु में छूट शासन के नियमानुसार होगी. 

दतिया मेडिकल कॉलेज भर्ती के लिए  आवेदन कैसे करे :

आवेदक ऑनलाइन प्रारूप डाउनलोड कर समस्त शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्र, रोजगार नंबर, मूल निवासी प्रमाण पात्र के साथ दिनांक 18.10.2018 तक अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविधालय, दतिया (म.प्र.) में जमा करे. 
आवेदक लिफाफे के ऊपर रखे- कार्यालय अधिष्ठाता शासकीय चिकित्सा महाविधालय, दतिया म.प्र. में चिकित्सकीय संवर्ग हेतु आवेदन एवं विषय ............... तथा आवेदित पद का नाम ............... और आरक्षित/अनाक्षित .......... श्रेणी का उल्लेख अनिवार्य.

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये