देश में नकदी की कमी नहीं आने दी जाएगी : आरबीआई गर्वनर

नई दिल्ली। कोरोनावायरस रूपी महामारी के कारण देश में लॉकडाउन चल रहा है और दुनिया में इसकी वजह से बड़ी आर्थिक मंदी का अनुमान जताया जा रहा है वहीं भारत सरकार इससे निपटने के लिए लगातार कदम उठा रही है। इसकी कड़ी में आरबीआई गर्वनर शक्तिकांत दास ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए कई अहम ऐलान किए हैं। अपने इन ऐलानों में उन्होंन यह साफ किया कि देश में नकदी की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी और इसके लिए सरकार कोशिशें कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि रिजर्व बैंक गवर्नर ने नॉन बैंकिंग और माइक्रो फाइनेंस सेक्टर को 50 हजार करोड़ रुपए की मदद का ऐलान किया है। इसमें से 25 हजार करोड़ रुपए NABARD को दिए गए हैं वहीं SIDBI को 15 हजार करोड़ और NHB को 10 हजार करोड़ रुपए मिलेंगे। RBI के इस कदम से छोटे और मझोले उद्योगों के अलावा रियल एस्टेट सेक्टर में नकदी की किल्लत दूर होगी। गवर्नर ने कहा कि रिवर्स रेपो रेट में तत्काल प्रभाव से 25 बेसिस पॉइंट्स की कटौती की जाती है जिसके बाद यह 4 प्रतिशत से 3.75 प्रतिशत पर आ जाएगी। TLTRO-2 के 50 हजार करोड़ की शुरुआत होगी और इससे NBFC को 10 हजार करोड़ मिलेंगे। इका 50 प्रतिशत हिस्सा छोटे और मझोले उद्योगों को मिलेगा। RBI गवर्नर ने कहा, मार्च में ऑटोमोबाइल के प्रोडक्शन और सेल्स में बड़ी गिरावट आई है। दुनिया में मंदी के हालात हैं और ऐसे में भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 1.9 प्रतिशत रखा गया है। लेकिन IMF के अनुमान के मुताबिक, भारत कोरोनावायरस संकट के बाद फिस्कल ईयर 2022 में देश के GDP की ग्रोथ 7.4 फीसदी रह सकती है। RBI गवर्नर ने NPA (Non performing asset) नियमों में बैंकों को 90 दिन की राहत दी है हालांकि, इसमें मोरेटोरियम पीरियड को नहींगिना जाएगा। बैंकों के लिए ऐलान करते हुए कहा कि बैंक अब अगले नोटिस तक अपने डेविडेंट का ऐलान नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि मॉनसून से पहले खरीफ फसल की बुआई अच्छी है। इस बार मानसून अच्छा होने का अनुमान है जिससे अर्थव्यवस्था को मदद मिलेगी देश में बैंक और 91 प्रतिशत एटीएम काम कर रहे हैं।

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