विराट कोहली और डि विलियर्स ऐतिहासिक बल्ले को नीलाम करेंगे


नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली और दक्षिण अफ्रीका के पूर्व बल्लेबाज एबी डि विलियर्स ने 2016 में इंडियन प्रीमियर लीग (मैच के दौरान रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के लिए जिस बल्ले से शतक बनाए थे, वे उसे नीलाम करेंगे। इस नीलामी से वे कोविड-19 महामारी के खिलाफ लड़ाई के लिए कोष जुटाएंगे। यह दोनों बल्लेबाज इसके अलावा क्रिकेट के अन्य सामनों की भी नीलामी करेंगे। इसमें गुजरात लायंस के खिलाफ खेले गए उस मैच के इस्तेमाल किए गए ग्लव्स और टी-शर्ट भी शामिल है। कोहली और डि विलियर्स की शतकीय पारी से रॉयल चैलेंजर्स ने इस मैच में तीन विकेट पर 248 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया था। टीम ने इस मैच को 144 रन से जीता था। डि विलियर्स ने इंस्टाग्राम चैट में कोहली से कहा, 'हमने एक साथ कुछ अच्छी पारियां खेली है। गुजरात लायन्स के खिलाफ 2016 के आईपीएल का वह खास मैच था। मैंने 129 रन बनाए थे और आपने 100 के करीब स्कोर किया था। ऐसा हमेशा नहीं होता है जब दो बल्लेबाज शतक (टी20) लगाते हो। यह मेरे लिए यह यादगार है।'
उन्होंने कहा, 'मैं सोच रहा था कि हम कैसे मदद कर सकते हैं, इसीलिए मैंने आपको उस मैच में इस्तेमाल किए हुए बल्ले को लाने के लिए कहा था। मेरे पास अब भी वह शर्ट है। मैं अपने बल्ला, शर्ट , दस्ताने और आपके बल्ले एवं दस्तानों को नीलाम करना चाहूंगा। इससे बड़ी रकम जुटा सकते हैं।' उन्होंने कहा, 'हम इसकी ऑनलाइन नीलामी कर दोनों देशों में जरूरतमंदों के लिए भोजन का इंतजाम करने में मदद कर सकते हैं।' इस मैच में 109 रन बनाने वाले कोहली ने कहा, 'यह शानदार विचार है। आप भारत में भी मदद करना चाहते हैं जहां बड़ी संख्या में आपके प्रशंसक है। यह काफी खास होगा।' उन्होंने कहा, 'मुझे नहीं लगता कि मैं एक सत्र में इतने रन बना सकता हूं। मैंने उस साल के ज्यादातर चीजों को संभाल कर रखा है। इस परोपकार के लिए मैं कुछ भी देने को तैयार हूं।'

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये