डीडी नगर सहित आज यहां गुल रहेगी बिजली


ग्वालियर। शहर में चल रहे मानसून पूर्व संधारण कार्य के चलते रविवार को दोपहर 12 बजे से पहले दो से चार घंटे बिजली कटौती की जाएगी।
सुबह 8 से दोपहर 12 बजे : डीडी नगर, बीएसएफ कॉलोनी, आदित्यपुरम, सेेंट्रल एकेडमी, ग्रीनवुड स्कूल, बीपी सिटी, कुंज विहार, भगतसिंह नगर, अमलताश कॉलोनी सेक्टर-ए, महाराजपुरा कॉम्पलेक्स, वायु नगर, रामदयाल नगर बी सेक्टर, शिव नगर, गोवर्धन कॉलोनी, पुरुषोत्तम विहार, नारायण विहार, सीताराम कॉलोनी, बगीया एवं हनुमान नगर, रणधीर कॉलोनी, मछली फार्म, धर्मवीर पेट्रोल पंप, इंडस्ट्रीयल एरिया, रामदयाल नगर, सैनिक कॉलोनी, शिव कॉलोनी, प्रीतम विहार, आदर्श नगर, गायत्री विहार, पिंटो पार्क, शुभांजलिपुरम, आदित्यआज होटल, नाना नगर, आस्थिक देव नगर, विजय लक्ष्मी विहार, अनिल भाटिया कॉम्प्लेक्स, गोला का मंदिर, महाराणा प्रताप नगर, नारायण विहार, नाना नगर काल्पीब्रिज, प्रगति विहार, सिद्धेश्वर नगर, अशोक कॉलोनी, महावीर कॉलोनी, कृष्णा नगर, बैंक कॉलोनी, कृष्णा नगर, आईआईआईटीएम एरिया, कांचमिल, शर्मा फार्म, रेडीमेड गारमेंट पार्क, जगनापुरा, गदाईपुरा गारमेंट पार्क, मछली मंडी, लधेड़ी, मां वैष्णोपुरम, एबी रोड, गदाईपुरा, चौडे के हनुमान, पीएचई कॉलोनी, रानीपुरा, लूटपुरा, इंद्रानगर, खरगेश्वर रोड, प्रसाद नगर, मदनपुरा, गणेश कॉलोनी, न्यू रससिंह नगर, सूरज नगर, जलालपुर रोड, कांचमिल इंडस्ट्रियल, रेशम मिल, तिकोनिया पार्क, कांचमिल क्षेत्र, तानसेन रोड, आरपी कॉलोनी, साकेत नगर, न्यू साकेत नगर, अशोक विहार कॉलोनी, अचलेश्वर कॉलोनी आदि क्षेत्र में बिजली गुल रहेगी।
सुबह 8:30 से 10:30 बजे : एसएलपी कॉलेज के आसपास का क्षेत्र, शूरी नगर, लाल साहब का बगीचा, लोचन नगर, आदित्य नगर, सीपी कॉलोनी, हक्सर कॉलोनी, शीतला कॉलोनी, 7 नंबर चौराहा, कंपनी बाग रोड, मीट मार्केट, न्यू दुर्गा कॉलोनी, रिसाला बाजार, बंशीपुरा, महेशपुरा, परसादीपुरा, सूर्यापुरा, लालटिपारा, हाथी खाना, तिकोनिया, गौशाला, संकट मोचन नगर, केशव विहार।
सुबह 10:30 से 12:30 बजे : माल रोड, रिवरव्यू कॉलोनी, चिकसंतर, गरम सड़क, नदीपार टाल, हरिओम काॅलोनी, खटीक मोहल्ला, तिकोनिया, आदित्यनगर, जच्चाखाना मुरार, सिविल अस्पताल, वीआईपी सर्किट हाउस।

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये