हर जरूरतमंद को मिलेगी अनुग्रह सहायता : मुख्यमंत्री श्री चौहान

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने 3300 हितग्राहियों के खाते में एक क्लिक से जमा किए 72 करोड़ 66 लाख रुपये

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज मंत्रि-परिषद के सदस्यों की उपस्थिति में मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल योजना के अंतर्गत 3300 हितग्राहियों को 72 करोड़ 66 लाख रुपए की अनुग्रह सहायता सिंगल क्लिक के माध्यम से प्रदान की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि जो लोग कष्ट में हैं, संकट में हैं, उनकी सहायता के लिए यह अनुग्रह राशि प्रदान की जा रही है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि हम सरकार परिवार की तरह चला रहे हैं। समाज के निर्धन वर्ग को जीवन की कठिन परिस्थितियों में 'संबल' का कवच उपलब्ध करवाया गया है। प्रदेश में वर्ष 2018 में प्रारंभ हुई इस योजना को अब प्रभावी रूप से अमल में लाया जा रहा है। योजना का क्रियान्वयन कर जन्म से लेकर असामयिक मृत्यु तक हितग्राहियों को विभिन्न तरह की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा रही है।
प्रदेश में इस वर्ष 5163 हितग्राहियों को कुल 114 करोड़ रुपए की राशि का भुगतान किया जा चुका है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्रमिकों की मदद के लिए राज्य सरकार ने 'श्रम सिद्धि अभियान' में रोजगार उपलब्ध कराने पर ध्यान दिया है। अन्य प्रदेशों के श्रमिकों को भी आर्थिक सहारा देने का प्रबंध किया गया है। श्रमिकों को मनरेगा में रोजगार देने, राशन देने के साथ ही संबल योजना में भी लाभान्वित किया जा रहा है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि औरंगाबाद में दुर्घटना का शिकार हुए श्रमिकों को तत्काल सहायता उपलब्ध करवाई गई। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि संबल योजना बनाने का उद्देश्य गरीबों और आर्थिक रूप से कमजोर किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना है।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि गत वर्ष इस योजना को ठंडे बस्ते में डाल दिया गया था जो सबसे पीछे है और सबसे नीचे है, उनके लिये राज्य सरकार ने संबल योजना प्रारंभ की थी। अब योजना का सभी पात्र हितग्राहियों को लाभ दिलवाया जाएगा।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने उन छह परिवारों से चर्चा की जिन्हें परिजन की मृत्यु पर दो-दो लाख रुपए की सहायता दी गई। मुख्यमंत्री ने मंदसौर के मल्हारगढ़ निवासी श्री कमलेश से चर्चा की। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने परिवार के सदस्यों से कुशलक्षेम पूछी। उन्होंने धार जिले की श्रीमती जया व्यास तथा उनके बेटे आधार से भी चर्चा की। बातचीत प्रारंभ होते ही आधार ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को कहा - सर नमस्कार, तो मुख्यमंत्री चौहान ने कहा 'मैं सर थोड़ी न हूँ - मैं तो मामा हूँ'। पारिवारिक रूप से की गई बातचीत के क्रम में मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बैतूल जिले के प्रभात पट्टन की श्रीमती अनीता बाई से चर्चा कर बेटियों का हालचाल पूछा। श्रीमती अनीता ने बताया 8 जून से परीक्षाएं शुरू हो रही हैं जिसकी तैयारी उनकी बेटी कर रही है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा आप सभी परिवार का ध्यान रखना। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने विदिशा जिले के ग्यारसपुर की श्रीमती चंद्रावती से बातचीत की। श्रीमती चंद्रावती की बेटी सोनम कक्षा 10 में पढ़ती है। सोनम ने मुख्यमंत्री श्री चौहान को नमस्ते मामा कहकर संबोधित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने सोनम को अच्छी तरह पढ़ाई करने को कहा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने रतलाम के श्री प्रहलाद पाटीदार से भी चर्चा की। इस परिवार को भी परिजन की मृत्यु की राशि प्राप्त हुई है। सतना जिले के नागौद की श्रीमती कमला को संबल योजना में उन्हें सहायता राशि दी गई है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि परिवार को परेशानी नहीं होना चाहिए। श्रीमती कमला की दो बेटियां हैं जिनमें एक विवाहित है और एक कक्षा दसवीं में पढ़ती है। सभी परिवार मुख्यमंत्री श्री चौहान से हुई आत्मीय बातचीत में भावुक भी थे और उनकी आंखों में प्राप्त सहायता के लिए राज्य सरकार और मुख्यमंत्री श्री चौहान के प्रति कृतज्ञता के भाव भी दिखाई दिए।
इस अवसर पर स्वास्थ्य और गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा, कृषि मंत्री श्री कमल पटेल, खाद्य और सहकारिता मंत्री श्री गोविंद सिंह राजपूत, जल संसाधन मंत्री श्री तुलसी सिलावट और आदिम जाति कल्याण मंत्री सुश्री मीना सिंह, मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस,प्रमुख सचिव मुख्यमंत्री श्री मनीष रस्तोगी,प्रमुख सचिव श्रम डॉ राजेश राजौरा उपस्थित थे।

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये