नई व्यवस्था : जनता के हाथों में बोरिंग का संचालन सौंपने की तैयारी


ग्वालियर। शहर के विभिन्न क्षेत्रों से संचालित बोरिंग के संचालन का काम जनता के हाथों में देने की तैयारी शुरू हो गई है। गर्मी के मौसम के बाद नगर निगम का जल प्रदाय विभाग (पीएचई) पहले चरण में करीब 400 बोरिंग को चिह्नित करेगा। इसके बाद जहां बोरिंग चल रही हैं, वहां के लोगों से बात कर समिति बना दी जाएगी। यही समिति संचालन, संधारण और बिजली का बिल चुकता करेगी।
यह व्यवस्था वहां से शुरू होगी, जहां पर पानी सप्लाई अच्छी आती है। यदि लोग तैयार नहीं होंगे तो बोरिंग को बंद कर बिजली का बिल बचाया जाएगा। नगर निगम सीमा में वर्तमान में 2200 बोरिंग हैं। इन सब का हर साल तीन करोड़ रुपए बिजली का बिल आता है।
नगर निगम के बजट में भी इसका प्रावधान रखा गया है। इससे निगम के खर्चों में कटौती होगी। अभी 66 वार्डों में से 60 वार्ड शहरी क्षेत्र के हैं। इनमें बोरिंग के साथ-साथ कई क्षेत्रों में तिघरा जलाशय के पानी की भी सप्लाई है। भविष्य में कई क्षेत्रों में अमृत योजना में भी पानी की लाइनें डल रही हैं। पीएचई के कार्यपालन यंत्री विनोद छारी का कहना है कि पहले चरण में 400 बोरिंग पर काम करेंगे। यदि प्रयोग सफल हो गया तो जनता के हवाले बोरिंग संचालन, संधारण और बिल चुकता करने का काम होगा।

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