मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा- गृह मंत्रालय के निर्देशों का सख्ती से पालन करायें

भोपाल । गृह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंस द्वारा उज्जैन, भोपाल, विदिशा, झाबुआ और गृह मंत्रालय के निर्देशों का सख्ती से पालन करायें - मंत्री डॉ. मिश्रा
13-May-20 55Sandhyadesh
जन-प्रतिनिधियों से लॉकडाउन खोलने के लिये मांगे गये सुझाव
भोपाल । गृह, लोक स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने मंत्रालय से वीडियो कांफ्रेंस द्वारा उज्जैन, भोपाल, विदिशा, झाबुआ और रतलाम के जन-प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जिला आपदा प्रबंधन समूह से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन एवं निर्देशानुसार जनता एवं जन-प्रतिनिधियों के सुझावों के अनुरूप ही 17 मई के बाद विभिन्न क्षेत्रों में लॉकडाउन खोलने संबंधी निर्णय लिये जाएंगे। डॉ. मिश्रा ने जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिये।
मंत्री डॉ. मिश्रा ने गृह मंत्रालय की गाइडलाइन अनुसार कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिये सभी सुरक्षात्मक उपायों का पालन करते हुए औद्योगिक गतिविधियों को प्रारंभ करने, कृषि संबंधी कार्य करने, खाद्यान्न उपार्जन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली अन्तर्गत राशन सामग्री का वितरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिये अस्पतालों में सभी आवश्यक पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिये। मंत्री डॉ. मिश्रा ने अन्य प्रदेशों के मजदूरों के प्रदेश में आवागमन को चुनौती के रूप में लेकर पूर्ण सावधानी एवं तत्परता बरतने के निर्देश भी दिये।
वीडियो कॉफ्रेंसिंग में जिलों के जन-प्रतिनिधियों ने उद्योगों के लिये आवश्यक छूट दिये जाने, उपार्जन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की। रतलाम के जावरा के हुसैन टेकरी क्षेत्र में आवश्यक सावधानी बरतने की मांग जावरा विधायक श्री राजेश पाण्डेय ने की। विदिशा जिले में 9 अप्रैल के बाद से अब तक कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिलने पर जिले को ऑरेज जोन से ग्रीन जोन क्षेत्र में अधिसूचित करने की मांग की गई ताकि जिले में व्यावसायिक गतिविधियाँ प्रारंभ की जा सकें। वीडियो कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई, भोपाल संभागायुक्त कविन्द्र कियावत भी मौजूद थे। के जन-प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जिला आपदा प्रबंधन समूह से चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के उद्बोधन एवं निर्देशानुसार जनता एवं जन-प्रतिनिधियों के सुझावों के अनुरूप ही 17 मई के बाद विभिन्न क्षेत्रों में लॉकडाउन खोलने संबंधी निर्णय लिये जाएंगे। डॉ. मिश्रा ने जिलों के प्रशासनिक अधिकारियों को केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिये।
मंत्री डॉ. मिश्रा ने गृह मंत्रालय की गाइडलाइन अनुसार कोरोना संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिये सभी सुरक्षात्मक उपायों का पालन करते हुए औद्योगिक गतिविधियों को प्रारंभ करने, कृषि संबंधी कार्य करने, खाद्यान्न उपार्जन और सार्वजनिक वितरण प्रणाली अन्तर्गत राशन सामग्री का वितरण करने के निर्देश दिये। उन्होंने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिये अस्पतालों में सभी आवश्यक पुख्ता प्रबंध करने के निर्देश दिये। मंत्री डॉ. मिश्रा ने अन्य प्रदेशों के मजदूरों के प्रदेश में आवागमन को चुनौती के रूप में लेकर पूर्ण सावधानी एवं तत्परता बरतने के निर्देश भी दिये।
वीडियो कॉफ्रेंसिंग में जिलों के जन-प्रतिनिधियों ने उद्योगों के लिये आवश्यक छूट दिये जाने, उपार्जन की समय-सीमा बढ़ाने की मांग की। रतलाम के जावरा के हुसैन टेकरी क्षेत्र में आवश्यक सावधानी बरतने की मांग जावरा विधायक श्री राजेश पाण्डेय ने की। विदिशा जिले में 9 अप्रैल के बाद से अब तक कोई भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिलने पर जिले को ऑरेज जोन से ग्रीन जोन क्षेत्र में अधिसूचित करने की मांग की गई ताकि जिले में व्यावसायिक गतिविधियाँ प्रारंभ की जा सकें। वीडियो कॉन्फ्रेंस में स्वास्थ्य आयुक्त फैज अहमद किदवई, भोपाल संभागायुक्त कविन्द्र कियावत भी मौजूद थे।

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये