देश में एक दिन में कोविड-19 के 16 हजार से अधिक मामले, 418 लोगों की मौत


नई दिल्ली। भारत में बृहस्पतिवार को कोविड-19 के एक दिन में सर्वाधिक 16 हजार से अधिक मामले सामने आने के बाद संक्रमितों की कुल संख्या 4.73 लाख पर पहुंच गई है। संक्रमण से 418 और लोगों की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या 14,894 हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
यह लगातार छठा दिन है जब कोरोना वायरस के 14 हजार से अधिक मामले सामने आए हैं। 20 जून को देश में 14,516 मरीज सामने आए थे। इसके बाद 21 जून को 15,413, 22 जून को 14,821, 23 जून को 14,933 और 24 जून को 15,968 मरीज सामने आए थे। भारत में 20 जून के बाद से संक्रमण के 92,573 मामले सामने आए हैं और एक जून से लेकर अब तक 2.82 लाख से अधिक मामले सामने आ चुके हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा गुरूवार सुबह आठ बजे तक जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार एक दिन में सर्वाधिक 16,922 मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमितों की संख्या 4,73,105 पर पहुंच गई है जबकि 418 और लोगों की मौत के साथ मृतकों की कुल संख्या 14,894 पर पहुंच गई है।
बहरहाल आंकड़ों के अनुसार मरीजों के स्वस्थ होने की दर 57.43 प्रतिशत है। देश में अब भी 1,86,514 संक्रमित लोगों का उपचार चल रहा है और 2,71,696 लोग स्वस्थ हो चुके हैं और एक मरीज देश छोड़कर चला गया है। संक्रमितों की कुल संख्या में विदेशी नागरिक भी शामिल हैं|
आईसीएमआर के अनुसार 24 जून तक 75,60,782 लोगों की जांच की गई जिनमें से 2,07,871 नमूनों की जांच बुधवार को की गई।कोरोना वायरस से जिन 418 और लोगों की मौत हुई है उनमें से 208 लोगों की महाराष्ट्र में मौत हुई। दिल्ली में 64, तमिलनाडु में 33, गुजरात में 25, कर्नाटक में 14, पश्चिम बंगाल में 11, राजस्थान और हरियाणा में 10-10, मध्य प्रदेश में नौ, उत्तर प्रदेश और पंजाब में आठ-आठ, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड में पांच-पांच लोगों की मौत हुई है। बिहार, गोवा और जम्मू कश्मीर में कोविड-19 से एक-एक शख्स की मौत हुई है।


टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये