शिवराज ने कहा-केंद्रीय नेतृत्व के कहने पर गिराई सरकार, ऑडियो के लीक होने से मचा बवाल


इंदौर। मध्य प्रदेश के राजनीतिक हलकों में सीएम शिवराज सिंह चौहान के वायरल ऑडियो क्लिप की चर्चा है. प्रदेश में 3 महीने पहले कमलनाथ सरकार को सत्ता से बेदखल करने के बाद शिवराज ये कहते सुनाई दे रहे हैं कि मध्य प्रदेश में कमलनाथ सरकार गिराने का आदेश पार्टी आलाकमान से मिला था. शिवराज के इस खुलासे के साथ ही कांग्रेस हमलावर हो गयी है. वो पहले ही लगातार ये कहती आ रही है कि बीजेपी ने ही उसकी चुनी हुई सरकार गिरायी थी. News 18 इस ऑडियो की पुष्टि नहीं करता है.
दो दिन पहले अपनी इंदौर यात्रा के दौरान सीएम शिवराज सिंह चौहान ने शहर की रेसीडेंसी कोठी में सांवेर के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था. इस कार्यक्रम में मीडिया के प्रवेश पर प्रतिबंध था, लेकिन उसका एक ऑडियो अब वायरल हो रहा है. इसमें सीएम शिवराज सिंह चौहान कह रहे हैं कि बीजेपी केन्द्रीय नेतृत्व ने तय किया था कि कमलनाथ सरकार गिरनी चाहिए. नहीं तो ये मध्‍य प्रदेश को बर्बाद कर देगी, तबाह कर देगी. वह कार्यकर्ताओं को कहते सुनाई पड़ रहे हैं, 'आप बताओ ज्योतिरादित्य सिंधिया और तुलसी भाई के बिना सरकार गिर सकती थी क्या? और कोई तरीका नहीं था. धोखा न तुलसी सिलावट ने दिया और न ज्योतिरादित्य सिंधिया ने दिया. धोखा कांग्रेस ने दिया.'
'आन-बान-शान का वास्ता' : सीएम शिवराज सिंह चौहान कोरोना की समीक्षा करने 8 जून को इंदौर पहुंचे थे. यहां उन्‍होंने सांवेर विधानसभा क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को संबोधित किया था. बताया जा रहा है ये ऑडियो वहीं का है. हालांकि, न्यूज18 इसकी पुष्टि नहीं कर रहा. शिवराज ने अपने संबोधन में खुलासा किया कि बीजेपी नेतृत्व ने सरकार गिराने को फैसला किया था. शिवराज सिंह चौहान ने कार्यकर्ताओं से पूछा कि ईमानदारी से बताओ तुलसी सिलावट यदि विधायक नहीं तो हम मुख्यमंत्री रहेंगे क्या? भाजपा की सरकार बचेगी क्या? इसलिए आपकी ड्यूटी है कि आप लोग तुलसी सिलावट को जिताओ, क्योंकि सांवेर से तुलसी सिलावट नहीं मैं खुद चुनाव लड़ रहा हूं. ये बीजेपी की आन-बान और शान का सवाल है.'
कांग्रेस से साधा बीजेपी पर निशाना : शिवराज सिंह का ऑडियो वायरल होने के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है. कांग्रेस प्रवक्ता नरेन्द्र सलूजा ने कहा, 'बीजेपी शुरू से ही कांग्रेस के इन आरोपों को नकारती रही, जबकि पूरे प्रदेश ने देखा कि जो विधायक बेंगलुरु में बंधक बनाए गए थे. उनके साथ बीजेपी के नेता मौजूद थे. उनकी तस्वीरें भी कई बार सामने आयीं, लेकिन अब तो प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद इंदौर के रेसीडेंसी कोठी में सांवेर के कार्यकर्ताओं की एक बैठक में सार्वजनिक रूप से ये स्वीकार कर कांग्रेस के उन आरोपों पर मुहर लगा दी है. इससे इस बात की भी पुष्टि हो गई है बीजेपी का केंद्रीय नेतृत्व भी इस साजिश और षड्यंत्र में शामिल था. जानबूझकर कांग्रेस सरकार को गिराया गया और सरकार गिराने में सिंधिया की इसलिए मदद ली गई, क्योंकि उनके बगैर सरकार गिर नहीं सकती थी.'

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