कांग्रेस ने सौंपा एडीजीपी को ज्ञापन, की ज्योतिरादित्य सिंधिया के कथित ऑडियो की जांच कराए जाने की मांग


ग्वालियर। मध्य प्रदेश कांग्रेस ने आज एडीजीपी एवं ग्वालियर रेंज के आईजी को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से कांग्रेस ने मांग की है कि बहुचर्चित उक्त कथित वायरल ऑडियो की जांच व एफआईआर दर्ज कराई जाए। जिसमें कथित तौर पर भाजपा नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया और अशोक नगर की पूर्व पार्षद रहीं श्रीमती अनीता जैन के बीच हुई चर्चा में श्रीमती जैन, सिंधिया से कह रहीं हैं कि उन्होंने अपनी पुत्र वधु श्रीमती आशा दोहरे को प्रत्याशी बनाये जाने के लिए उनके निज सचिव पुरुषोत्तम पाराशर के कहने पर किसी अग्रवाल के पास 50 लाख रुपये रख दिए हैं। उक्ताशय की जानकारी ग्वालियर चंबल संभाग के मीडिया प्रभारी के.के. मिश्रा ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर दी। विज्ञप्ति अनुसार गुरुवार को प्रदेश कांग्रेस के ग्वालियर-चम्बल संभाग के मीडिया प्रभारी के.के. मिश्रा एवं ग्वालियर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष डॉ.देवेंद्र शर्मा के नेतृत्व में एडीजीपी और ग्वालियर रेंज के आईजी राजाबाबू सिंह को एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन देने वाले उक्त कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला बेहद संवेदनशील, सार्वजनिक जीवन की शुद्धता व राजनीतिक सुचिता से जुड़ा है। उक्त ऑडियो में हुए वार्तालाप में रुपयों के लेनदेन के आरोपों पर श्री सिंधिया की तरफ से कोई सफाई नहीं दी गई है बल्कि सरकार बनने के बाद उन्हें किसी अन्य जगह उपकृत करने की बात कही जा रही है। विज्ञप्ति मुताबिक ज्ञापन देने वालों का मानना है कि इससे स्पष्ट होता है कि इस लेनदेन में उनकी ( ज्योतिरादित्य सिंधिया ) मूक सहमति रही होगी ? कांग्रेस ने यह आरोप भी लगाया है कि जिस तरह कमल नाथ की निर्वाचित सरकार को गिराने में भी विधायकों की करोड़ों रुपये में नीलामी-खरीदी बिक्री की बातें सामने आईं हैं। उससे यह साबित हो रहा है कि कथित कुलीन चेहरों का पैसों के लेनदेन से पुराना रिश्ता है ? लिहाजा उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर कांग्रेस की तीन मांगे हैं। क्रमशः पहली इस प्रकरण को तत्काल प्रभाव से संज्ञान में लेकर सूक्ष्म जांच हेतु एसआईटी गठित की जाए। दूसरी कथित ऑडियो में सामने आए उल्लेखित नामों ज्योतिरादित्य सिंधिया, पाराशर, श्रीमती जैन किसी अग्रवाल के बयान दर्ज करवाने हेतु आदेशित किया जाए। तीसरी उक्त ऑडियो को वायरल होने के बाद श्री सिंधिया के प्रवक्ता पंकज चतुर्वेदी राजधानी भोपाल ने फर्जी बताया, उन्होंने किस लैब से जांच कराई है उसकी जांच रिपोर्ट के साथ बयान देने के लिए उन्हें भी ताकीद किया जाए। साथ ही कांग्रेस ने कहा कि उन्हें विश्वास है कि सार्वजनिक जीवन व राजनीतिक शुद्धता जैसे मूल्यों के सम्मान और उसकी विश्वसनीयता को कायम रखने के लिए पुलिस इस प्रकरण को अति गंभीरता से लेकर सार्वजनिक रूप के कदाचरण से जुड़े इस गंभीर मामले में भृम की लकीरें समाप्त करेगी। इस दौरान पार्टी प्रवक्ता अजीत सिंह भदौरिया, स्वदेश शर्मा, आर.पी. सिंह, धर्मेंद्र शर्मा, महिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सीमा समाधियां मौजूद रहीं। वहीं एडीजीपी राजाबाबू सिंह ने पत्रकारों से बातचीत में मामले की सूक्ष्म जांच कराए जाने की बात कही है।

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