शताब्दी एक्सप्रेस को नहीं मिल रहे यात्री


भोपाल। कोरोना वायरस के डर लोग रेल में यात्रा करने से अभी कतरा रहे हैं। यही वजह है कि शान-ए-भोपाल एक्सप्रेस व जनशताब्दी एक्सप्रेस की सीटें खाली जा रही है। इन रेलों की 50 से 75 फीसद सीटें बुक नहीं हो रही हैं। ऐसा बीते 2 जून से रोजाना हो रहा है। इन ट्रेनों को 1 जून को 75 फीसद यात्री मिले थे, उसके बाद कभी इतने यात्री नहीं मिले हैं। ये वे ट्रेनें हैं, जिनमें सामान्य दिनों में 150 से लेकर 200 तक की वेटिंग रहती थी, लेकिन कोरोना वायरस का डर इस तरह है कि लोग जरूरी कामकाज के लिए भी ट्रेनों में सफर करने से बच रहे हैं।
जबकि भोपाल रेल मंडल कोरोना वायरस को मात दे रहा है। रेलवे ने 1 जून से भोपाल एक्सप्रेस व जनशताब्दी एक्सप्रेस को चलाना शुरू किया है। ये दोनों ही ट्रेनें भोपाल रेल मंडल की हैं। इनमें से भोपाल एक्सप्रेस प्रतिदिन रात 9.05 बजे हबीबगंज से हजरत निजामुद्दीन जाती हैं। जबकि जनशताब्दी एक्सप्रेस रोजाना शाम 5.40 बजे हबीबगंज से जबलपुर के लिए चलती हैं। रेलवे प्रशासन का कहना है कि ट्रेन में सफर के दौरान कोरोना से डरने की जरुरत नहीं है। भोपाल रेल मंडल ने कोरोना को मात देने के लिए पूरी व्यवस्था कर रखी है। दोनों स्टेशनों के मुख्य गेटों पर प्रवेश से पहले यात्रियों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। फिर प्रवेश देते हैं। जिन यात्रियों में लक्षण दिखाई देते हैं उन्हें रोका जा रहा है। कोचों को बार-बार सैनिटाइज करते हैं। टीटी स्टॉफ चेकिंग के लिए हाथ में टिकट नहीं मांगते, दूर से देखकर जांच करते हैं। स्टेशन पर टिकट की जांच के लिए कैमरे लगे हैं, जिनके सामने टिकट दिखाकर जांच कराई जा सकती है। ट्रेन के साथ चलने वाला स्टॉफ पीपीई किट पहने हुए रहते हैं। भोपाल रेल मंडल दोनों ही ट्रेनों में बार-बार सफाई करवा रहा है। सफाईकर्मी साथ में चलते हैं। भोपाल रेल मंडल के प्रवक्ता आईए सिद्दीकी का कहना है कि भोपाल रेल मंडल दोनों ही ट्रेनों में कोरोना से बचाव के पूरे प्रोटोकॉल का पालन कर रहा है। यात्रियों को समझाइश देने से लेकर पूरी मदद कर रहे हैं। छिड़काव की व्यवस्था है। साफ-सफाई के लिए कर्मचारी ट्रेन में चलते हैं। फिर भी कुछ सीटें खाली जा रही हैं। रेलवे के जैसे निर्देश मिलेंगे, उनका पालन किया जाएगा।

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