मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल लालजी टंडन का निधन, प्रदेश में 5 दिन का राजकीय शोक


ग्वालियर।  मध्यप्रदेश के पूर्व राज्यपाल लाल जी टंडन (85 वर्ष) का मंगलवार सुबह निधन हो गया। श्री टंडन मेदांता अस्पताल लखनऊ में कई दिनों से वेंटिलेटर पर थे। लालजी टंडन कई द‍िनों से उत्तर प्रदेश की राजधानी के मेदांता अस्‍पताल में भर्ती थे। उन्होंने सुबह 5:35 बजे अंतिम सांस ली। उनके पुत्र नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन ने ट्वीट से जानकारी दी। सोमवार को उनकी हालत नाजुक बताई जा रही थी। इसको लेकर सोमवार को मेदांता अस्पताल की तरफ से मेडिकल बुलेटिन भी जारी किया गया था, जिसमें उनकी हालत नाजुक होने की बात कही गई थी।
गौरतलब है कि पूर्व राज्यपाल लाल जी टंडन को 11 जून को हालत बिगड़ने पर मेदान्ता अस्पताल में भर्ती कराया गया। 13 जून को पेट मे रक्तस्राव होने पर ऑपरेशन किया गया। इसके बाद वह वेंटिलेटर पर चले गए। थोड़ा सुधार हुआ तो दो दिन बीच में बाई-पैप मशीन पर शिफ्ट किया गया। मगर तबियत फिर बिगड़ गई। डॉक्टरों ने उन्हें दोबारा वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया। इसके बाद वह खुद से सांस लेने में सक्षम नहीं हो सके। मेदांता के मेडिकल डायरेक्टर डॉ राकेश कपूर के मुताबिक राज्यपाल की मांसपेशियां कमजोर हो गयी थीं। इसलिए  सांस लेने के लिए फेफड़े काम नहीं कर पा रहे थे। किडनी फंक्शन गड़बड़ाने से उनकी डायलिसिस चल रही थी। वह लिवर रोग से पीड़ित थे। सुबह 5:35 पर ह्रदय गति रुकने से मौत हो गई। राज्यपाल के निधन के कारण प्रदेश में 5 दिन का राजकीय शोक घोषित किया गया है।

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