शिवराज सिंह की अगुवाई वाली सरकार बनने का कारण सिर्फ कमल नाथ : प्रधुम्न सिंह तोमर

ग्वालियर। मध्य प्रदेश सरकार के नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने कमल नाथ को शिवराज सिंह की अगुवाई वाली सरकार बनने का प्रमुख कारण बताया है। शुक्रवार शाम कैबिनेट मंत्री सड़क मार्ग से गृह नगर प्रवास पर आये। जहां सर्वप्रथम नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री श्री तोमर थीम रोड स्थित अम्मा महाराज की छतरी पहुचे। यहां उन्होंने राजमाता विजयाराजे सिंधिया और कैलाशवासी माधवराव सिंधिया की समाधि स्थल पर पहुचकर पुष्पहार अर्पित किए और उन्हें नमन किया। तदुपरांत पत्रकारों से चर्चा में नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने कहा कि सत्ता उनके लिए जनसेवा का माध्यम है। उपचुनाव को लेकर कैबिनेट मंत्री ने कहा कि चुनाव प्राथमिकता नहीं है कोरोना महामारी से निपटना सरकार की पहली प्राथमिकता है। विभागों के बटवारे में देरी के सवाल पर प्रधुम्न सिंह तोमर बोले विभागों का बंटवारा मुख्यमंत्री का विशेषाधिकार का है। पार्टी का वरिष्ठ नेतृत्व चिंतन- मनन कर निर्णय करेगा। विभागों को लेकर कोई मांग किये जाने के सवाल पर नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री प्रधुम्न सिंह तोमर ने कहा कि विभागों के लिए किसी ने कोई मांग नहीं की है सिर्फ जनसेवा उद्देश्य है। उपचुनाव में पीसीसी चीफ कमल नाथ के ग्वालियर में डेरा डालने के सवाल पर कैबिनेट मंत्री श्री तोमर दुखी होते हुए कहा कि शिवराज सिंह की अगुवाई वाली सरकार बनने का कारण सिर्फ कमल नाथ हैं। उन्होंने कहा वह छिंदवाड़ा के विकास के विरोधी नहीं हैं लेकिन उन्होंने ग्वालियर अंचल और प्रदेश के विकास का पहिया रोका था, 1 रुपये का बजट नहीं दिया था। नवनियुक्त कैबिनेट मंत्री ने बताया कि शनिवार को प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान कोरोना काल में हालात का जायजा लेने ग्वालियर आ रहे हैं, जबकि 15 महीने के कार्यकाल में तत्कालीन मुख्यमंत्री कमल नाथ को ग्वालियर आने की फुर्सत नहीं मिली। आज जब कुर्सी चली गई है तो ग्वालियर चम्बल संभाग याद आ रहा है। आगे उन्होंने कहा कमल नाथ को सोचना चाहिए ग्वालियर के लिए उन्होंने क्या किया, तब वोट मांगने का अधिकार होना चाहिए। कांग्रेस नेताओं द्वारा यूपी के कुख्यात गैंगस्टर विकास दुबे एनकाउंटर पर सवाल उठाये जाने के प्रश्न पर श्री तोमर बोले कि कांग्रेस नेताओं के पास कोई काम नहीं है। इसलिए नकारात्मक बोलकर टीवी में दिखना चाहते हैं। प्रधुम्न सिंह तोमर का कहना है नकारात्मक सोच प्रदेश के लिए घातक है। उनका मानना है विपक्ष को सरकार का सहयोग करना चाहिए, जिससे कोरोना पर फतह हांसिल की जा सके। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी, पूर्व विधायक रमेश अगरवाम, संभागीय मीडिया प्रभारी पवन कुमार सेन, किशन मुदगल, प्रवीण अग्रवाल सहित कई नेता उपस्थित थे।


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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये