सचिन पायलट को राजस्थान के डिप्टी सीएम पद से हटाया गया

जयपुर। राजस्थान में चल रहे मौजूदा हालातों के बीच आज कांग्रेस के विधायक दल की फिर बैठक खत्म हो गई है और सचिन पायलट इस बैठक में हिस्सा लेने नहीं पहुंचे. इसके बाद कांग्रेस ने सचिन पायलट को राजस्थान के डिप्टी सीएम पद से हटा दिया गया है और गोविंद सिंह को राजस्थान कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बना दिया है.
राजस्थान में तेजी से बदल रहे राजनीतिक घटनाक्रम के बीच कांग्रेस की बैठक में सचिन पायलट को लेकर बड़ा फैसला लिया गया. बैठक में सचिन पायलट, विश्वेंद्र सिंह और रमेश मीणा  को मंत्रिपद से हटाने का प्रस्ताव पारित किया गया.  बैठक के बाद कांग्रेस के नेता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा भाजपा ने एक षडयंत्र के तहत राजस्थान की जनता के सम्मान को चुनौती दी है. साजिश के तहत संपूर्ण बहुमत से जनता की ओर से चुनी गई कांग्रेस की सरकार को अस्थिर कर गिराने की कोशिश की है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने धन बल और सत्ता बल के दुरुपयोग से ED और Income Tax के दुरुपयोग से कांग्रेस और स्वंतंत्र विधायकों को खऱीदने की कोशिश की है.
उन्होंने कहा कि  राजस्थान के विधायकों को खऱीदने की साजिश की जा रही थी. हमें इस बात का खेद जरूर है कि सचिन पायलट और कांग्रेस के कुछ और विधायक और मंत्री भाजपा के जाल के अंदर उलझ कर कांग्रेस की सरकार को गिराने में शामिल हो गए. रणदीप सुरजेवाला ने कहा कि हमने कहा कि खुले दिल से कहा कि आप वापस आईए. जो परिवार में बैठ कर सब सुलझाएंगे. जो ताकत कांग्रेस नेतृत्व ने सचिन पायलट को इतनी कम उम्र में इतनी ताकत दी उतनी ताकत किसी नेता को कभी नहीं मिली.
बता दें कि कांग्रेस की तरफ से सचिन पायलट को आज की बैठक में आमंत्रित किया गया था लेकिन पायलट ने इस मीटिंग से किनारा करके साफ कर दिया कि वह इस बार आर-पार की लड़ाई के मूड में हैं.  राजस्थान कांग्रेस में चल रहे  संकट को देखते हुए सोमवार को रणदीप सुरजेवाला जयपुर पहुंचे हुए थे, उन्होंने यहां पर कहा कि पायलट आकर बातचीत करके मामला सुलझाए. पार्टी को उम्मीद थी की वो दूसरी मीटिंग में आएंगे, लेकिन पायलट ने इस मीटिंग से भी दूरी बना ली है. ऐसी रिपोर्ट्स हैं कि पायलट बीजेपी नेताओं के संपर्क में हैं. हालांकि, सोमवार को सूत्रों के हवाले से खबर आई थी कि पायलट ने कहा है कि वो बीजेपी में शामिल नहीं होंगे.
सोमवार की रात पायलट के खेमे की ओर से एक वीडियो रिलीज़ किया गया था, जिसमें 15-16 विधायक एक जगह पर बैठे दिखाई दे रहे थे. इसके पहले दिन में अशोक गहलोत के आवास में बुलाई गई विधायक दल की बैठक में तकरीबन 100 विधायक पहुंचे थे. गहलोत ने कहा है कि उनके पास लगभग 106 विधायकों का समर्थन है. लेकिन पायलट के करीबी सूत्रों का कहना है कि गहलोत के पास इतने नंबर नहीं हैं, जितने का वो दावा कर रहे हैं.

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