गुरु पूर्णिमा पर हनुमान जी महाराज को बनाएं अपना गुरु


संकट मोचन हनुमान (बालाजी) मंदिर गोलपाड़ा में मनाई जाएगी गुरु पूर्णिमा
ग्वालियर। गोलपडा किलागेट स्थित संकट मोचन हनुमान (बालाजी) मंदिर पर गुरु पुर्णिमा धूमधाम के साथ मनाई जाएगी। इस दौरान प्रशासन द्वारा बनाई गई गाइडलाइन और सोशल डिस्टेंसिंग का पूरा ध्यान रखा जाएगा। मंदिर में 4 मई से नियमित हवन यज्ञ चल रहा है। यह हवन अयोध्या में रामलला के विराजमान होने तक जारी रहेगा। बालाजी सरकार के चरण सेवक जगबीर सिंह तोमर ने कहा कि गुरु पूर्णिमा के दिन प्रभु हनुमान जी महाराज को गुरु मानकर उनकी पूजा करनी चाहिए क्योंकि:- हम और आप जानते हैं कि प्रथम गुरु मां, द्वितीय गुरु पिता, और तृतीय गुरु ज्ञान दाता होता है। और यह तीनों ही गुरु हमें समय अनुसार छोड़कर चले जाते हैं, किंतु हनुमान जी महाराज दृश्य अदृश्य रूप में आपको सदा उपस्थिति का एहसास कराते रहेंगे। तुलसीदास द्वारा रचित हनुमान चालीसा के वे अंश जो हमें हनुमान जी महाराज को गुरु मानने की प्रेरणा देते हैं।
-: दोहा:-
श्री गुरु चरण सरोज रज, निज मन मुकुर सुधार।
बरनो रघुवर बिमल जसु, जो दायक फल चार।
बुद्धिहीन तनु जानिके, सुमिरो पवन कुमार।
बल बुद्धि विद्या देव मोहि, हरहु कलेश विकार।
-: चोपाई :-
जय जय जय हनुमान गुसाईं,
कृपा करो गुरुदेव की नाई।

हनुमान जी महाराज का पूजन कैसे करें
घर में हनुमान जी की तस्वीर के सामने या अपने घर के नजदीक किसी भी मंदिर में हनुमान जी महाराज को गुरु रूप मानते हुए उनके समछ तांबे अथवा चांदी के पात्र में जल भरकर रखें। लाल, पिला, सफेद तीन रंग के 3 पुष्प अर्पण करें। स्थान को सेंट और धूप से सुगंधित करें दीपक जलाएं। जो भोज्य पदार्थ आपको सबसे ज्यादा पसंद हो उसका भोग लगाएं। हनुमान चालीसा का पाठ करें। आप देखेंगे कि अगली पूर्णिमा तक आपकी सूझबूझ में आश्चर्यजनक परिवर्तन आ जाएगा।

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