यूरिक एसिड बढ़ने पर युवाओं के शरीर में दिखते हैं ये लक्षण


नई दिल्ली। शरीर में दिखनेवाले कुछ बेहद सामान्य परिवर्तन कई बार गंभीर रोग की वजह भी होते हैं। यहां जानें, शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने के सामान्य लक्षणों के बारे में...
हमारी सेहत से जुड़े उन फैक्टर्स को हम अक्सर अनदेखा करते हैं, जिनके कारण हमें असहनीय दर्द ना हो रहा हो...सही कहा ना? जब तक बीमारी बहुत बढ़ ना जाए, दर्द के कारण हमारे आंसू ना आने लगें, तब तक हमें डॉक्टर के पास जाना या अपना इलाज कराना जरूरी ही नहीं लगता है। हम आधी-अधूरी जानकारी के साथ पेनकिलर्स खाते रहते हैं या बिना पूरा ज्ञान जुटाए घरेलू नुस्खे ट्राई करते रहते हैं। अगर कोई दिक्कत हो जाए तो हम बड़ी ही मासूमियत से अपनी सारी समस्या का ठीकरा उस घरेलू नुस्खे पर फोड़ देते हैं...
उदाहरण के तौर पर ऐसे समझिए... आपके कान में बहुत खुजली हो रही है। किसी ने आपसे कहा या खुद आपके दिमाग में ही आया कि ठीक है सरसों का तेल लगा लेते हैं। आपने कान में सरसों का तेल लगा लिया, लेकिन आपको इस बात की जानकारी नहीं थी कि यदि जुकाम हो तो कान में सरसों का तेल नहीं लगाना चाहिए अन्यथा सुनने की क्षमता कमजोर हो सकती है या पूरी तरह जा भी सकती है...सच बताइए इस स्थिति में क्या आपनी गलती मानेंगे कि आपको पूरी बात पता नहीं थी? या डॉक्टर के पास जाकर सारा कुसूर उस सरसों के तेल पर थोप देंगे...
यूरिक एसिड बढ़ने पर क्या खाएं?
-खैर, यह उदाहरण हमने आपको इसलिए दिया है ताकि आप किसी भी घरेलू नुस्खे को आजमाने से पहले उसके साथ जुड़े टर्म-ऐंड-कंडीशंन्स को भी जानने का प्रयास करें और बेकार की समस्याओं से बचे रहें।

दूसरा उदाहरण लेते हैं डायट से जुड़ा
-आतौर पर पेट में गैस बनने की समस्या
- पैरों में दुखन होने की समस्या
-पैर के तलुओं में जलन होने की समस्या
-एड़ियों पर हाथ लगाते ही तेज दर्द होने की समस्या
-जल्दी थकान होने की परेशानी इत्यादि को हम अनदेखा करते हैं। क्योंकि इन समस्याओं की वजह हमें, अधिक चलना, ज्यादा देर तक खड़े रहना, सही शूज के चलते कोई समस्या होना लगती है। लेकिन ऐसा हमेशा सच नहीं होता है।

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-युवाओं में अगर इस तरह की समस्या देखने को मिलती है तो यह इस बात की निशानी होती है कि आपकी डायट सही नहीं है और आपके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ा हुआ है।
-इस स्थिति में जो आपको सबसे पहला काम करना चाहिए वह है कि आप अपने खाने की प्लेट से दाल, साबुत अनाज और अत्यधिक प्रोटीन देनेवाली चीजों को हटा दें। हरी सब्जियों और फलों का सेवन करें। शहद और ड्राई फ्रूट्स खाएं।

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-इसके बाद जितना संभव हो सके उतनी जल्दी डॉक्टर से अपॉइनमेंट लेकर उनसे मिले और अपनी समस्या बताएं। आयुर्वेद के अनुसार, शरीर के तलुओं और हथेलियों में जलन होने की समस्या या आग निकलने जैसा अनुभव होने की समस्या तब होती है जब शरीर के अंदर पित्त की मात्रा बहुत अधिक बढ़ी हुई होती है।
-आमतौर पर युवाओं में इस तरह की समस्या तब देखने को मिलती है, जब उनकी डायट में प्रोटीन की अधिकता हो। या उनके शरीर में पहुंचनेवाले प्रोटीन को उनका लिवर पचा ना पा रहा हो। इस स्थिति में उनके शरीर में यूरिक एसिड बढ़ जाता है। आपको बिना टाल-मटोल किए डॉक्टर से मिलना चाहिए। क्योंकि लंबे समय तक शरीर में यही स्थिति बनी रही तो पाचन संबंधी संक्रामक रोग या गठिया जैसा भयानक रोग भी हो सकता है।

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जयप्रकाश एवं आदित्य श्रीवास्तव अखिल भारतीय कायस्थ महासभा के प्रदेश सचिव मनोनीत