बार काउंसिल चुनाव में ग्वालियर के प्रबल प्रताप सिंह चुनाव से बाहर


ग्वालियर। राज्य अधिवक्ता परिषद के चुनाव में जबलपुर के मनीष तिवारी ने तीसरे प्रत्याशी के रूप में विजय हासिल कर ली है। अब तक हुई मतगणना के बाद 145 प्रत्याशियों में से 97 प्रत्याशी एलिमिनेट हो चुके हैं। मैदान में अब 45 प्रत्याशी बने हुए हैं। निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि द्वितीय वरीयता की मतगणना व सदस्य चुनने के लिए एलीमिनेशन की प्रकिया जारी है। बुधवार को जबलपुर के मनीष तिवारी ने जीत के लिए निर्धारित कोटा पार करते हुये शानदार जीत दर्ज की। मनीष तिवारी तीसरे ऐसे उम्मीदवार है जिन्होने कोटा पार कर जीत हासिल की है, इससे पहले जबलपुर के मनीष दत्त व इन्दौर के विवेक सिंह ने कोटा पार कर जीत दर्ज कर ली थी। बुधवार को 3 उम्मीदवार, ग्वालियर के प्रबल प्रताप सिंह सोलंकी, इन्दौर के गोपाल कचोलिया व रीवा के कृष्ण कुमार सिंह एलीमिनेट होकर चुनाव प्रक्रिया से बाहर हो गये। एलीमिनेशन उपरांत द्वितीय व अन्य वरीयता के मत प्राप्त कर निर्धारित वेल्यू कोटा की ओर बढ रहे इन्दौर के सुनील गुप्ता 152386, जबलपुर के जगन्नाथ त्रिपाठी 128572, जबलपुर के आर.के.सिंह सैनी 127903, इन्दौर के नरेन्द्र कुमार जैन 124380, इन्दौर के हितोषी हार्डिया 123564, गाडरवारा के रामेश्वर नीखरा 122470, रीवा के शिवेन्द्र उपाध्याय 120603, भोपाल के विजय कुमार चौधरी 116851, ग्वालियर के जय प्रकाश मिश्रा 116504, उज्जैन के प्रताप मेहता 115178, वेल्यू वोट प्राप्त कर प्रमुख रूप से टॉप 10 में आ गये है। इसके अतिरिक्त जबलपुर के राधेलाल गुप्ता 113290, शहडोल के दिनेश नारायण 107425, रीवा के अखंड प्रताप सिंह 107124, जबलपुर के असादुल्ला उस्मानी 105198, ग्वालियर के प्रेम सिंह भदौरिया 97578, भोपाल के राजेश व्यास 96063, ग्वालियर के राजेश कुमार शुक्ला 90865, सागर के राजेश पांडे 89716, ग्वालियर के जितेन्द्र कुमार शर्मा 88391, सागर की सुश्री रश्मि ऋतु जैन 83909, भोपाल के मेहबूब अंसारी 83833, जबलपुर के शैलेन्द्र वर्मा गुडडा 83476, जबलपुर के मृगेन्द्र सिंह 82556, रीवा के डॉ. संदीप कुमार पटेल 77210, भोपाल के संतोष शर्मा 73586, इन्दौर के खिलाडी लाल घनघोरे 69808, उज्जैन के राहुल शर्मा 67878, देवास के रामप्रसाद सूर्यवंशी 66730, रायसेन के विजय कुमार धाकड 65042, उज्जैन के आशीष उपाध्याय 64852, मुरैना के हरस्वरूप माहेश्वरी 62900, सागर के अंकलेश्वर दुबे अन्नी 62181 वेल्यू वोट प्राप्त कर कोटा पार करने हेतु बढ़त बना रहे हैं। चुनाव अधिकारी ने बताया कि चुनाव जीतने के लिये 170839 वेल्यू मतो का कोटा निर्धारित किया गया है। गुरुवार को प्रातः 10 बजे से मतगणना प्रारंभ कर न्यूनतम मत प्राप्त उम्मीदवारो का एलीमिनेशन किया जायेगा।


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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये