प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, पेयजल, पर्यटन, अधोसंरचना विकास के साथ सुशासन की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किये जाएंगे, जो आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के साक्षी बनेंगे: मुख्यमंत्री


भोपाल।  मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, रोजगार, पेयजल, पर्यटन, अधोसंरचना विकास के साथ सुशासन की दिशा में व्यापक स्तर पर कार्य किये जाएंगे, जो आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के साक्षी बनेंगे। उन्होंने कहा कि 7 से 11 अगस्त के मध्य आयोजित हुए वेबिनार्स में राष्ट्रीय स्तर की भागीदारी हुई है, जिसमें विषय-विशेषज्ञों से काफी बड़ी संख्या में बेहतर सुझाव प्राप्त हुए हैं। मध्यप्रदेश के हित में इन महत्वपूर्ण सुझावों को रोडमेप में शामिल किया जा रहा है। रोडमेप का प्रारूप तैयार करने के लिये मंत्रियों के समूह गठित किये गये है। मंत्री समूह द्वारा दी गई रिपोर्ट पर नीति आयोग से विचार-विमर्श कर अंतिम मोहर लगाई जाएगी।

आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के लिये रोडमेप बनाने के लिये मंत्रि-परिषद के वरिष्ठ मंत्रियों को शामिल कर चार समूहों का गठन किया गया है। वेबिनार के लिये तय हुए विषयों के आधार पर यह समूह बनाये गये हैं। भौतिक अधोसंरचना समूह में लोक निर्माण, कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री गोपाल भार्गव एवं समूह समन्वयक अधिकारी श्री आईसीपी केशरी होंगे। सुशासन समूह में गृह, जेल, संसदीय कार्य एवं विधि मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्र एवं समूह समन्वयक अधिकारी श्री एस.एन मिश्रा होंगे। शिक्षा एवं स्वास्थ्य समूह में चिकित्सा शिक्षा, भोपाल गैस त्रासदी राहत एवं पुनर्वास मंत्री श्री विश्वास सारंग एवं समूह समन्वयक अधिकारी श्री मोहम्मद सुलेमान होंगे। इसी प्रकार अर्थव्यवस्था एवं रोजगार समूह में वाणिज्यिक कर, वित्त, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी मंत्री श्री जगदीश देवड़ा एवं समूह समन्वयक अधिकारी डॉ. राजेश राजौरा बनायें गये है। इन चारों समूहों में अन्य मंत्रीगण भी शामिल होंगे।

मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि मंत्री समूह द्वाराप्रदेश के हित में शामिल किये जाने वाले महत्वपूर्ण सुझावों के साथ अपनी रिपोर्ट 25 अगस्त तक प्रस्तुत करेंगे। मध्यप्रदेश के विकास एवं सुधार कार्यक्रम के लिये प्रस्तुत रिपोर्ट पर पुन: नीति आयोग के सदस्यों के साथ विचार-विमर्श किया जाएगा। इसके पश्चात आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश के रोडमेप को अंतिम रूप दिया जाएगा। रोडमेप में निर्धारित कार्ययोजना को आगामी तीन वर्ष के लक्ष्य के साथ लागू किया जाना है। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने बताया कि आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश का जो संकल्प लिया गया है, उसे समय-सीमा में पूर्ण कर साकार करना हमारी पहली प्राथमिता होगी।


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