अटलजी विश्व में लोकप्रिय व्यक्तित्व के नेता थे : सांसद शेजवलकर

ग्वालियर। ग्वालियर के सपूत श्री अटल बिहारी वाजपेई जी विश्व में लोकप्रिय व्यक्तित्व के नेता थे। हम सबके लिए गर्व की बात है जब भी अटल जी का नाम आता है तो ग्वालियर उनके निवास की वजह से पहचाना जाता है। अटल जी का ग्वालियर के सैकड़ों लोगों से सीधा संपर्क था और जब भी अटल जी का ग्वालियर आना होता था तो मेरा भी उनसे मिलना होता था, अटल जी का व्यक्तित्व मुझे काफी प्रभावित करता था। उक्त बात रविवार को ग्वालियर सांसद श्री विवेक नारायण शेजवलकर ने भाजपा के संस्थापक सदस्य, भारत रत्न और पूर्व प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी की द्वितीय पुण्यतिथि पर मुखर्जी भवन पर आयोजित श्रद्धांजलि सभा में श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए कही। श्री शेजवलकर ने कहा कि अटल जी जन संघ के प्रचारक भी रहे, फिर जनसंघ और भारतीय जनता पार्टी के लिए अपना सारा जीवन समर्पित किया। जब श्यामा प्रसाद मुखर्जी जी को कश्मीर में गिरफ्तार कर लिया गया तब अटल बिहारी वाजपेई जी ने पूरे देश में प्रवास कर कश्मीर के लिए बड़ा आंदोलन खड़ा किया था। देश की राजनीति में एक वक्त ऐसा आया कि देश के किसी भी राजनीतिक दल के पास सरकार बनाने के लिए बहुमत नहीं था तब अटल बिहारी वाजपेई जी ने 24 दलों को साथ लाकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन यानी एनडीए बनाया और 5 साल तक सरकार चलाई। श्री शेजवलकर ने कहा कि देश में गठबंधन की राजनीति के सबसे सफल राजनेता के तौर पर श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेई जी का नाम आता है श्री अटल जी की उपलब्धि इसीलिए खास है क्योंकि उनसे पहले कोई भी गठबंधन सरकार 5 साल तक कार्यकाल नहीं कर पाई थी। आज हम सब उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर उनके बताए हुए मार्ग पर चलें उनके सपनों को साकार करने में अपना योगदान दें यही सबसे बड़ी श्रद्धांजलि होगी। भाजपा के वरिष्ठ नेता श्री वेदप्रकाश शर्मा ने कहा कि भारत रत्न श्री अटल बिहारी वाजपेई जी भारत माता की आवाज थे, अटल जी के अनमोल अटल थे, अटल जी में सूर्य जैसा तेज था और चंद्रमा जैसी शीतलता थी, अटल जी देश के जन-जन के हृदय में बसे है, मैंने अपनी राजनैतिक यात्रा में इतनी गहरी लोकप्रियता अभी तक किसी नेता की नहीं देखी, जो अटल जी की है, अटल जी राष्ट्रवाद के संकल्पित विचार के साथ अपने पथ पर चले तो अटल होकर चले। आज उनके व्यक्तित्व से प्रेरणा लेकर उस मंजिल की और हम सब चले और अटल जी के सपनों को साकार करने में अपना योगदान दें यही सबसे अच्छी श्रद्धांजलि होगी। इस अवसर पर मंच पर पूर्व जिलाध्यक्ष अभय चौधरी, पूर्व साडा अध्यक्ष राकेश जादौन, जयप्रकाश राजौरिया, राजेश दुबे मौजूद थे। श्रद्धांजलि सभा का संचालन दीपक शर्मा ने किया। इस अवसर पर कनवर मंगलनी, जितेंद्र गुर्जर, देवेन्द्र पवैया, गजेन्द्र राठौर, अशोक बांदिल, राकेश शर्मा, आर के गुप्ता, चेतन मंडलोई, प्रयाग तोमर, धर्मेन्द्र कुशवाह, विशम्बर गुरू, हरीश मेवाफरोश, मुरारी मित्तल सहित कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये