भारत की आक्रामकता से अपने ही कमांडर पर बौखलाया चीन


वॉशिंगटन। अपनी हरकतों के कारण हमेशा चर्चा में रहने वाला चीन इनदिनों अपने ही कमांडरों पर बौखलाया हुआ है। कारण है भारत की आक्रमकता और उसके जाबांज सैनिकों के हाथों चीनी सैनिक बार-बार मुंह की खा रहे हैं। हालांकि भारत और चीन के बीच पिछले कई महीने से जारी तनाव फिर से चरम पर पहुंच गया है और भारत ने पैंगोंग शो झील के दक्षिणी इलाके में चीन को उसी की भाषा में जवाब देते हुए ऊंचाई वाले इलाके में अपनी पैठ मजबूत कर ली है। इससे पहले जून में गलवान घाटी में भारत की कड़ी कार्रवाई के बाद ड्रैगन सेना घबरा गई थी और बिना पेइचिंग की सहमति के स्थानीय चीनी कमांडर ने तनाव वाले इलाके से पीछे हटने का फैसला कर लिया था। हालांकि अपने कमांडर के फैसले ड्रैगन काफी बौखलाया हुआ है।
इस बीच, भारत और चीन के बीच ताजा तनाव पर अमेरिका का भी मानना है कि चीन ने जानबूझकर भारत को उकसाया और विवादित क्षेत्र में दाखिल हुआ अमेरिका की खुफिया एजेंसियों के मुताबिक चीन अब इस बात से बौखलाया हुआ है कि उसके स्थानीय कमांडर ने भारत के साथ झड़प होने पर पीछे हटने का फैसला किया। बता दें कि भारतीय सेना पैंगोंग शो झील के दक्षिणी किनारे चीनी सेना को खदेड़ते हुए अपनी स्थिति मजबूत कर ली है। US न्यूज ने अमेरिका की खुफिया एजेंसी की रिपोर्ट के हवाले से कहा है कि अमेरिका का मानना है कि भारतीय सेना ने जमीन पर कोई नुकसान नहीं होने दिया। अमेरिका का मानना है कि भारतीय सेना चीन के उकसावे के लिए तैयार थी। इस रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि जून में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के साथ ही कम से कम 35 सैनिक हताहत हुए थे जिसके बाद सीमा पर चौकसी बढ़ा दी गई थी।
खास बात यह है कि एजेंसी की रिपोर्ट में यह साफ नहीं है कि पहले चीन ने ही उकसाने की कार्रवाई की लेकिन अमेरिका ने चीन के पहले के बर्ताव के आधार पर भारत का पक्ष लेने का फैसला किया है। अमेरिका के इंटेलिजेंस अधिकारियों और स्थानीय विश्लेषक इस बात को समझ नहीं पाए हैं कि चीन जब हालात सामान्य करने की बात कर रहा है तो इस हमले का कारण क्या था। चीन के साथ तनाव के बीच मौजूदा वक्त में इस बात संभावना बढ़ गई है कि भारत के अमेरिका के साथ संबंध और बेहतर होंगे। अमेरिका की इंटेलिजेंस रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन विवादित क्षेत्र में कैंप बना रहा था। हालांकि, तभी भारतीय सेना के आने से विवाद हो गया लेकिन आगे नहीं बढ़ा। दोनों सेनाएं तनाव बढ़ने से पहले ही पीछे हट गईं। चीन के एक ऑफिसर ने अपनी सेना को पीछे हटने को कह दिया। अमेरिकी इंटेलिजेंस का मानना है कि पेइचिंग में उच्च मिलिट्री कमांड की राय से उलट कमांडर ने पीछे हटने का फैसला किया।

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