वचन तोड़ने वाले तो गए, निभाने वालों को मजबूत करें: मुख्यमंत्री शिवराज

ग्वालियर। मुख्यमंत्री ने कहा वचन देकर मुकरने वाले तो चले गए और अब प्रदेश में निभाने वालों की सरकार आ गई है। यह चुनाव भाजपा की विचारधारा का चुनाव है और अब सरकार बनाए रखने की लड़ाई है और आज इसकी शुरुआत इस चुनाव कार्यालय के शुभारंभ के साथ हो गई है। अब कार्यकर्ता संकल्प लें कि ग्वालियर-चंबल की 16 सीटों के साथ पूरे मध्य प्रदेश की 28 सीटों को जिताएंगे। इस कार्यक्रम में केन्द्रीय कृषि मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर और राज्यसभा सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने भी संबोधित किया। भाजपा के चुनाव कार्यालय के शुभारंभ में संगठन महामंत्री सुहास भगत , गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा , ऊर्जा मंत्री श्री प्रद्युम्न सिंह तोमर, गिर्राज दंडोतिया, पूर्व मंत्री उमाशंकर गुप्ता, पूर्व मंत्री रुस्तम सिंह, जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी, वरिष्ठ भाजपा नेता श्री वेदप्रकाश शर्मा उपस्थित थे।
उपस्थित पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री श्री शिवराजसिंह चौहान ने कहा कि कांग्रेस सरकार हमारी विचारधारा को कुचलने का प्रयास कर रही थी। वचन देकर मुकरने वाली उस सरकार ने वल्लभभवन को दलालों का अड्डा बना दिया था। उस सरकार का गिरना बहुत जरूरी था और इसके लिए मैं सिंधिया जी और उनके साथियों को धन्यवाद देता हूं। लेकिन अब जो लड़ाई होने वाली है, ये सरकार को बनाए रखने की लड़ाई है। ये हमारी साख का सवाल है और हमें इसमें जीतना ही होगा। श्री चौहान ने कहा कि हमारे प्रधानमंत्री श्री मोदी जी अदभुत नेता हैं* और उन्होंने दुनिया में एक अलग स्थान बनाया है। उनके नेतृत्व में आत्मनिर्भर भारत का निर्माण हो रहा है। मैं आपको वचन देता हूं कि अगले तीन सालों में हम मध्यप्रदेश को आत्मनिर्भर बनाएंगे। श्री चौहान ने कहा कि शक्रवार को पं. दीनदयाल उपाध्याय जी की जयंती है। आइये हम उनके सामने, डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी, अटलजी, राजमाता जी और कुशाभाऊ ठाकरे जी के चित्र के सामने यह संकल्प लें कि हम सभी सीटों पर जीत हासिल करेंगे और जिन संकल्पों को लेकर जनसंघ की स्थापना हुई, उन संकल्पों को पूरा करेंगे।
इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री श्री तोमर ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा की भाजपा का नया कार्यालय ग्वालियर चंबल संभाग में आने वाले दिनों में होने वाले उपचुनाव में भाजपा को जीत दिलाएगा। ये अटल सभागार भाजपा की जीत को प्रशस्त करेगा*।
राज्यसभा सांसद श्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि इस कार्यालय के शुभारंभ के साथ ही हमारा संग्राम भी शुरू हो गया है। ये संग्राम प्रदेश की जनता को न्याय दिलाने का है, उसे ग्वालियर-चंबल को उसका सम्मान दिलाने का है, प्रदेश के विकास का है।

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये