मतदान दलों के प्रशिक्षण में अनुपस्थित कर्मचारियों के विरूद्ध करें निलंबन की कार्रवाई: कलेक्टर

ग्वालियर। विधानसभा उप निर्वाचन-2020 के लिये नियुक्त किए गए नोडल अधिकारी अपने-अपने दायित्वों को समय-सीमा में पूर्ण करें। निर्वाचन के कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए। स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण मतदान के लिये आयोग के निर्देशों का अक्षरश: पालन सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर एवं जिला निर्वाचन अधिकारी श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में निर्वाचन के लिये नियुक्त नोडल अधिकारियों की बैठक में यह निर्देश दिए। निर्वाचन के लिये मतदान दलों का प्रथम चरण का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है। प्रशिक्षण में बिना अनुमति के अनुपस्थित रहे 211 कर्मचारियों के विरूद्ध निलंबन की कार्रवाई करने के निर्देश भी कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने दिए। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्री शिवम वर्मा, एडीएम श्री टी एन सिंह, एडीएम श्री किशोर कान्याल, अपर कलेक्टर एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी श्री आशीष तिवारी, ग्वालियर, ग्वालियर पूर्व एवं डबरा (अजा.) के रिटर्निंग ऑफीसर सहित सभी नोडल अधिकारी उपस्थित थे।
  कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में यह भी निर्देशित किया है कि राजनैतिक कार्यक्रम जो अनुमति के पश्चात आयोजित किए जा रहे हैं उनकी शतप्रतिशत वीडियोग्राफी कराई जाए। इसके साथ ही निर्वाचन के लिये गठित दल आवश्यक चैकिंग का कार्य भी प्रभावी रूप से करें। उन्होंने मतदान दलों को व्यवस्थित करने की कार्रवाई भी तत्परता से करने के निर्देश निगम के अधिकारियों को दिए। ग्रामीण क्षेत्र में जनपद पंचायतों के माध्यम से मतदान केन्द्रों को तैयार करने की जवाबदारी सौंपी गई है। कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने बैठक में 80 वर्ष से अधिक, दिव्यांग तथा कोविड संक्रमित मतदाताओं को पोस्टल बैलेट की सुविधा के संबंध में भी समीक्षा की। उन्होंने तीनों रिटर्निंग ऑफीसरों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने विधानसभा क्षेत्र में बीएलओ के माध्यम से चिन्हित सभी मतदाताओं से पोस्टल बैलेट भरवाने और प्राप्त करने की कार्रवाई निर्धारित समय-सीमा में सुनिश्चित करें। कलेक्टर श्री सिंह ने बैठक में इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन से मतदान की प्रक्रिया का डेमो भी देखा। इसके साथ ही उन्होंने सीईओ जिला पंचायत को कहा है कि तीन स्थानों पर प्रशिक्षण हेतु मतदान केन्द्र तैयार कर कर्मचारियों को इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के उपयोग का प्रशिक्षण दिलाया जाए। मतदान दल के कर्मचारी मतदान से पूर्व इलेक्ट्रोनिक वोटिंग मशीन के उपयोग की सम्पूर्ण जानकारी प्राप्त करें। इसके लिये प्रशिक्षण अनिवार्य है। उन्होंने बैठक में शिकायत शाखा को और प्रभावी बनाने के निर्देश भी दिए। शिकायत शाखा में प्राप्त होने वाली प्रत्येक शिकायत को दर्ज कर उस पर आवश्यक कार्रवाई समय-सीमा में सुनिश्चित की जाए। की गई कार्रवाई से संबंधित को भी अवगत कराया जाए।

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये