कमलनाथ बताएं उन्होंने ग्वालियर अंचल के लिए एक कौनसा काम कियाः डॉ. नरोत्तम मिश्रा


ग्वालियर। कमलनाथ ही पूरी तरह कांग्रेस है, कमलनाथ ही कांग्रेस का विस्तारक है, प्रचारक है, नेता प्रतिपक्ष है, प्रदेश अध्यक्ष है और पूर्व मुख्यमंत्री है, बाकी सब साफ है। ग्वालियर चंबल में कांग्रेस का कोई नेता नहीं बचा है। दिग्विजय सिंह केपी सिंहए गोविंद सिंह यह लोग कौनसी माद में विश्राम कर रहे हैं। यह बात आज पत्रकारों से चर्चा के दौरान प्रदेश के गृहमंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा ने कही। उन्होंने कहा कि कमलनाथ अपने 15 माह के शासनकाल में उन्होंने अंचल को 15 मिनिट भी नहीं दिया। उन्होंने यह भी पूछा कि कमलनाथ ने 15 महीने में ग्वालियर चंबल क्षेत्र के विकास के लिए एक कौन सा काम किया है, हां चंबल एक्सप्रेस.वे को रोकने का अपराध जरूर किया।
उन्होंने कहा कि कमलनाथ यह ग्वालियर चंबल अंचल की जनता है, यह सब बातों का ध्यान रखती है। 3 नवंबर को होने वाले मतदान के दिन क्षेत्र का मतदाता कमलनाथ को इसका जवाब भाजपा के पक्ष में मतदान कर बता देगा। वहीं एक सवाल के जवाब में कि चुनाव आयोग कांग्रेस के दवाब में काम कर रहा है, क्योंकि दतिया में जिलाधीश और पुलिस अधीक्षक का स्थानांतरण किया गया। उन्होंने कहा कि आचार संहिता के दौरान प्रशासन चुनाव आयोग के अधीन काम करता है। हम कांग्रेस की तरह आरोप लगाने वाले नहीं है, कांग्रेस के नेता दिख रही हार को देख आरोप लगाने लगते हैं कि एवीएम खराब है और प्रशासन भाजपा के साथ है। हम यह कहते हैं कि जनता जनार्दन भाजपा के साथ है। वहीं उन्होंने कांग्रेस के एक नेता कि अमर्यादित टिप्पणी पर कहा कि गरीब के घर पैदा होना क्या पाप है, गुनाह है, हमारे यहां छोटे से व्यक्ति के यहां पैदा हुआ व्यक्ति अपने परिश्रम से उपर जाता है और उनके यहां बडे़ परिवार में पैदा हुआ व्यक्ति नीचे आता है।
उन्होंने कहा कि कमलनाथ अपने मुख्यमंत्री के 15 माह के कार्यकाल में 30 दिन भी वल्लभभवन नहीं बैठे, कमलनाथ झूठ कितनी ईमानदारी से बोलते हैं यह बात प्रदेश की जनता अच्छी तरह समझती है। वह बातें माफिया की करते हैं, लेकिन मध्यप्रदेश में माफियाराज उन्होंने ही बढ़ाया। यह मैं नहीं कह रहा हूं यह उनके नेता उमंग सिंघार ने उनके मुख्यमंत्री काल के दौरान आरोप लगाया था। न तो कमलनाथ न दिग्विजय सिंह ने, न ही उमंग सिंघार ने इसका खंडन किया है। देश में लिखित में झूठ बोलने वाली पार्टी एकमात्र कांग्रेस है। हमेशा समाज को तोड़ने की मानसिकता कांग्रेस की रही है।
उन्होंने कहा कि हम कांग्रेस को क्यों खत्म करेंगे, जिसके नेता देश में राहुल गांधी और प्रदेश में कमलनाथ हो। भाजपा के विरोध में कांग्रेस, सपा, शिवसेना, माकपा, भाकपा लूटखा एवं बेचखा सब एक हो रहे हैं। इन चुनावों में कांग्रेस का सूफड़ा साफ है, कांग्रेस बुरी तरह पराजित हो रही है। जैसे.जैसे उपचुनाव नजदीक आ रहे हैं, भाजपा का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है और कांग्रेस का ग्राफ उतनी ही तेजी से नीच गिर रहा है। हम जनता से जो वचन करते हैं, वह पूरा करते हैं और कांग्रेस काल्पनिक बातें करती है।
उन्होंने कहा कि कमलनाथ कहते थे कि हमारी सरकार 5 साल चलेगी, चली क्या, कमलनाथ कहते थे कि 15 अगस्त को झंडा वंदन लाल परेड ग्राउंड पर करेंगे, किया क्या, हम सीएम हाउस में कैबिनेट करेंगे, हुई क्या, उन्होंने दलबदल के एक सवाल पर कहा कि कमलनाथ ने अपने मुख्यमंत्री काल में भाजपा के एक विधायक को अपने बगल में बिठाया था, तब मैंने कहा था कि शुरू आपने किया है, खत्म हम करेंगे।
इस अवसर पर प्रदेश के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर, जिलाध्यक्ष कमल माखीजानी, वरिष्ठ नेता जयसिंह कुशवाह, प्रदेश के सहमीडिया प्रभारी उदय अग्रवाल, वार्ताकार आशीष अग्रवाल, श्रीमती नीरू ज्ञानी उपस्थित थे।

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये