भारत ने कसी कमर, चीन के हर पैंतरे का देगा जवाब

नई दिल्ली। चीने की नापाक हरकतों का भारत द्वारा उचित जवाब दिये जा रहा है। इसी कड़ी में उसने चीन के वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC)के दावे को सिरे खारिज कर दिया था। भारत ने चीन को दो-टूक कहा था कि चीन ने अक्साई चिन और शक्सगाम घाटी में कब्जा कर रखा है। बता दे कि लद्दाख सीमा के करीब दोनों देशों के बीच 5 महीने से ज्यादा वक्त से तनातनी चल रही है। भारत ने पैंगोंग शो झील और फिंगर 4 के अहम इलाकों में अपनी पैठ मबजूत पर ली है। चीन के दावे को खारिज करने के बाद अब भारत 12 अक्टूबर को प्रस्तावित 7वें मिलिटरी कमांडर बैठक को लेकर ड्रैगन के जवाब का इंतजार कर रहा है। बता दें कि सैन्य स्तर की 6 बातचीत में अभी तक विवाद का कोई हल नहीं निकला है और दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार भारत ने LAC पर चीन के 1959 वाले दावे पर भारत-चीन सीमा मामले पर वर्किंग मैकेनिज्म फॉर कंसलटेशन ऐंड कोऑर्डिनेशन की 19वें दौर की बैठक से पहले चीन के दावे को खारिज कर दिया था। पश्चिम एशिया मामले के संयुक्त सचिव ने चीन को दो-टूक कहा कि 1959 में तत्कालीन चीन के प्रधानमंत्री चाऊ एन लाइ के LAC के इस दावे को तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने 7 नवंबर 1959 को लिखे पत्र में सिरे से खारिज कर दिया था। भारत ने साफ-साफ कहा कि चीन ने अक्साई चिन इलाके में 33,000 किलोमीटर पर कब्जा कर रखा है। वहीं पाकिस्तान ने 1963 में उसे अवैध रूप से 5,180 स्क्वायर किलोमीटर जमीन दे दी है। हालांकि भारत के जवाब के बाद चीन की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

 

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