सुप्रीम कोर्ट में योगी सरकार की सफाई- हाथरस पीड़िता की रात में अंत्येष्टि नहीं करते तो भड़क जाता दंगा

नई दिल्ली। यूपी सरकार इन दिनों हाथरस कांड को लेकर पूरे देश में चर्चा में बनी हुई है। मंगलवार को योगी सराकार से सुप्रीम कोर्ट ने जब यही सवाल किया कि पीड़ित की अंत्येष्टि रात में क्यों की गई ? तो उसने सर्वोच्च अदालत से कहा कि उसे ऐसी खुफिया सूचना मिली थी कि अगर शव का अंतिम संस्कार करने के लिए सुबह होने का इंतजार किया जाता तो बड़े पैमाने पर हिंसा भड़क सकती थी। योगी सरकार ने हाथरस केस में हलफनामा दायर कर सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई जांच का निर्देश देने की मांग की। उसने मामले में अब तक हुई जांच का विस्तृत ब्योरा सुप्रीम कोर्ट को सौंपा और दावा किया कि कुछ निहित स्वार्थ वाली ताकतें निष्पक्ष न्याय के रास्ते में रोड़ा अटका रही हैं। ध्यान रहे कि यूपी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट का नोटिस मिलने का इंतजार किए बिना ही अपनी तरफ से ऐफिडेविट फाइल कर दिया। उसने कहा कि हाथरस कांड के बहाने राज्य सरकार को बदनाम करने के उद्देश्य से सोशल मीडिया, टीवी और प्रिंट मीडिया पर आक्रामक अभियान चलाए गए। उसने कहा, 'चूंकि यह मामला पूरे देश के आकर्षण के केंद्र में आ गया है, इसलिए इसकी केंद्रीय एजेंसी से जांच होनी चाहिए।' उसने सुप्रीम कोर्ट से सीबीआई जांच की निगरानी करने का भी आग्रह किया।
योगी सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि वह सीबीआई जांच की सिफारिश कर चुकी है ताकि निहित स्वार्थों की ओर से फैलाए जा रहे झूठ और प्रपंच से पर्दा उठ सके। कोर्ट आज इस मामले में एक याचिका पर सुनवाई करने जा रहा है। इससे पहले, राज्य के पुलिस महानिदेशक (DGP) एच. सी. अवस्थी ने हमारे सहयोगी अखबार इकनॉमिक टाइम्स को दिए इंटरव्यू में भी ऐसी ही दावा किया था। उन्होंने कहा कि उस रात ऐसा माहौल बन गया था कि शव को गुपचुप तरीके से जलाने को मजबूर होना पड़ा।

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