एलजीपी का बड़ा ऐलान-बिहार में जेडीयू से गठबंधन नहीं करेगी पर भाजपा से जारी रहेगा


पटना। लोकजनशक्ति पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा ऐलान किया है। दिल्ली में चल रही लोक जनशक्ति पार्टी की केंद्रीय संसदीय बोर्ड की बैठक में बड़ा फैसला लिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, बैठक में नीतीश कुमार के नेतृत्व में चुनाव नहीं लड़ने का फैसला किया गया है। बैठक में लोजपा भाजपा सरकार का प्रस्ताव पारित किया गया है। सूत्रों के मुताबिक, लोजपा के सभी विधायक, पीएम मोदी के हाथों को और मज़बूत करेंगे। बैठक में एक साल से बिहार 1st बिहारी 1st के माध्यम से उठाए गए मुद्दों पर लोजपा पीछे हटने को तैयार नहीं है। लोजपा की बैठक में पार्टी के सभी सदस्य मौजूद हैं। कोरोना व ऑपरेशन के कारण पशुपति पारस और कैसर वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए बैठक में जुड़े हैं।
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी अध्यक्ष चिराग पासवान की अध्यक्षता में लोजपा संसदीय बोर्ड की बैठक ने बीजेपी के साथ गठबंधन के पक्ष में एक प्रस्ताव पारित किया और कहा कि उसके विधायक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथ को मजबूत करने के लिए काम करेंगे। बीजेपी पहले ही घोषणा कर चुकी है कि एनडीए बिहार चुनाव मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में लड़ेगा। ऐसे में राज्य में एलजेपी का एनडीए से गठबंधन टूट सकता है। लेकिन केंद्र में बीजेपी के साथ गठबंधन जारी रह सकता है। बीजेपी केंद्रीय चुनाव समिति विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी के उम्मीदवारों को अंतिम रूप देने के लिए आज शाम बैठक कर रही है। बिहार चुनाव के लिए 28 अक्टूबर को पहले चरण का मतदान होगा।
लोकजनशक्ति पार्टी (एलजेपी) ने रविवार को नया फॉर्म्युला लेकर आई है। एलेजपी एनडीए के घटक दल के रूप में बनी रहेगी, लेकिन बिहार विधानसभा चुनाव में वह इस गठबंधन के नेता मुख्यमंत्री नीतीश के चेहरे के खिलाफ वोट मांगेगी। इसके लिए एलजेपी बिहार में मणिपुर फॉर्म्युला आजमाएगी। सूत्रों ने बताया कि एलजेपी ने तय कर लिया है कि वह बिहार विधानसभा चुनाव में अपने विजन डॉक्यूमेंट के साथ उतरेगी। पार्टी जेडीयू के विजन के साथ चुनाव में वोट नहीं मांगेगी। लोजपा और बीजेपी में कोई कटुता नहीं है। एनडीए के घटक दलों के बीच कई सीटों पर फ्रेंडली फाइट हो सकती है।

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