सीएम शिवराज ने शहीद धीरेंद्र के परिजन को एक करोड़ रुपए और नौकरी दिए जाने का किया ऐलान

भोपाल। मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने आज अनेक जनप्रतिनिधियों के साथ सतना जिले के ग्राम पडिया पहुँचकर शहीद श्री धीरेन्द्र त्रिपाठी के पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र अर्पित किया। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि श्री धीरेन्द्र जी ने भारत माता की सीमाओं की रक्षा करते हुए अपना जीवन बलिदान कर दिया। ऐसे अमर शहीद के चरणों में मध्यप्रदेश के समस्त नागरिकों की ओर से श्रद्धा-सुमन अर्पित करता हूँ। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि भारत माता के सच्चे सपूत शहीद त्रिपाठी के परिवार को श्रद्धा निधि एक करोड़ रुपए प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि शहीद स्व. त्रिपाठी को वापस तो नहीं लाया जा सकता लेकिन राज्य शासन शहीद परिवार के साथ खड़ा है। स्व. त्रिपाठी की पत्नी अथवा परिवार की इच्छानुसार किसी एक परिजन को शासकीय सेवा प्रदान की जाएगी। विद्यालय अथवा किसी संस्थान का नाम शहीद त्रिपाठी के नाम पर किया जाएगा। इसके अलावा ग्राम के मार्ग का नामकरण भी शहीद के नाम पर किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने पडिया गांव पहुँचकर सीआरपीएफ के जवान शहीद धीरेन्द्र त्रिपाठी को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने पर्थिव शरीर पर पुष्प-चक्र अर्पित किये। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शहीद धीरेन्द्र त्रिपाठी के पिता श्री रामकलेश त्रिपाठी, माँ उर्मिला त्रिपाठी और शहीद की पत्नी श्रीमती साधना त्रिपाठी को सांत्वना दी। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने शहीद स्व. त्रिपाठी के तीन साल के बेटे कान्हा और अन्य परिजन से भी चर्चा की।
शहीद की प्रतिमा स्थापना : मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि ग्राम के शासकीय विद्यालय अथवा शहीद के परिवार और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के परामर्श से निर्धारित किए गए स्थान पर शहीद धीरेन्द्र त्रिपाठी की प्रतिमा स्थापित की जाएगी ताकि आने वाली पीढ़ी इस शहीद की शहादत से प्रेरणा ले सके और साहस और राष्ट्रप्रेम के विचार को और सशक्त बनाया जा सके। शहादत की यह घटना दो दिवस पहले की है। जब सीआरपीएफ की 110वीं बटालियन लेथपुरा पुलवामा में पदस्थ श्री धीरेन्द्र त्रिपाठी, शाम करीब 5 बजे ऑपरेशनल ड्यूटी के दौरान मोर्चे पर डटे थे। उसी समय आतंकवादियों द्वारा किये गए कायराना हमले में भारतीय सेना के जवान गंभीर रूप से घायल हुए। श्री धीरेन्द्र त्रिपाठी इस हमले में वीरगति को प्राप्त हुए। यह हमला उस समय किया गया जब जवान अपनी ड्यूटी सफलतापूर्वक समाप्त कर वापस कैम्प के लिए आ रहे थे। हमले में श्री त्रिपाठी के अलावा उत्तरप्रदेश के रायबरेली के श्री शैलेन्द्र प्रताप सिंह भी शहीद हुए। इस घटना में तीन अन्य जवान गंभीर रूप से घायल हुए हैं। मुख्यमंत्री श्री चौहान के साथ चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री विश्वास सारंग, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री श्री राम खेलावन पटेल, सांसद रीवा श्री जनार्दन मिश्रा, पूर्व मंत्री श्री राजेंद्र शुक्ला, विधायक श्री जुगल किशोर बागरी, श्री के.पी. त्रिपाठी और श्री दिव्यराज सिंह उपस्थित थे।

टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये