छतरी मैदान में इस साल होने वाली रामलीला और रावण दहन कार्यक्रम निरस्त


ग्वालियर। शहर में कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों को देखते हुए इस साल छतरी मैदान में होने वाली रामलीला और रावण दहन के कार्यक्रम को निरस्त कर दिया गया है. वहीं दशहरा के मौके पर निकाले जाने वाले चल समारोह को भी स्थगित करने का निर्णय रामलीला समारोह समिति ने लिया है.
ग्वालियर की छतरी मैदान में 1947 में जीवाजी राव सिंधिया द्वारा रामलीला और रावण दहन समारोह की शुरुआत की गई थी, लेकिन इस बार कोरोना वायरस की वजह से इस कार्यक्रम को निरस्त करने का फैसला रामलीला समारोह समिति की ऑनलाइन बैठक में लिया गया है. इससे पहले समारोह जनकगंज हॉस्पिटल चौराहे पर हुआ करता था, लेकिन पिछले साल से ही यह कार्यक्रम छतरी मैदान में किया जा रहा था. रामलीला और दशहरा के कार्यक्रम के लिए कलाकारों अलग-अलग शहरों से बुलाया जाता था. साथी ही ग्वालियर शहर के स्थानीय कलाकार भी इसमें हिस्सा लेते थे.यह तीसरा मौका होगा, जब रामलीला मंचन और रावण दहन नहीं होगा. इससे पहले सन 1962 भारत चीन युद्ध और उसके बाद सन 2001 में पूर्व केंद्रीय मंत्री माधवराव सिंधिया के विमान दुर्घटनाग्रस्त में निधन होने के कारण यह रामलीला मंचन स्थगित किया गया था.
वहीं रामलीला मंचन और कार्यक्रम के संयोजक रमेश अग्रवाल का कहना है कि उन्होंने इस बारे में 1 महीने पहले कलेक्टर कौशलेंद्र विक्रम सिंह से बैठक में चर्चा की थी. उनका कहना है कि रामलीला समारोह में 100 से ज्यादा दर्शक नहीं होना चाहिए, लेकिन कोरोना वायरस के बढ़ते मरीजों को देखते हुए बार होने वाली रामलीला मंचन को स्थगित किया है. वहीं रमेश अग्रवाल का कहना है कि रावण दहन को लेकर अगर कलेक्टर परमिशन देते हैं तो हम विचार करेंगे.


टिप्पणियां

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

डॉ. कलाम की स्मृति में स्कूलों में मनेगा राष्ट्रीय आविष्कार सप्ताह