एम.बी.ए., एम.सी.ए. की च्वाइस फिलिंग गुरूवार से शुरू होगी

भोपाल। प्रदेश के सभी शासकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों में एम.बी.ए. तथा एम.सी.ए. पाठ्यक्रम के पहले चरण में ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया प्रारंभ है। विद्यार्थी गुरूवार 15 अक्टूबर से इच्छित संस्थाओं के प्राथमिकता क्रम का ऑनलाइन चयन कर सकते है। यह च्वाइस फिलिंग की प्रक्रिया 28 अक्टूबर तक जारी रहेगी। दोनों पाठ्यक्रमों में पहले राउंड के तहत रजिस्ट्रेशन की अंतिम तारीख 24 अक्टूबर निर्धारित की गई है। एम.बी.ए. के छात्रों को पहले चरण में सीमेट 2020 की मेरिट के आधार पर अलॉटमेंट दिया जायेगा। रिक्त सीटों पर स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यार्थियों के स्नातक परीक्षा के अंकों की मेरिट के आधार पर प्रवेश दिया जायेगा। इसके बाद रिक्त सिटों पर शैक्षणिक सत्र 2019-20 के स्नातक अंतिम वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित न होने के कारण पिछले दो वर्षो के अंकों की मेरिट के आधार पर प्रावधिक प्रवेश दिया जाएगा। एम.सी.ए. में पहले स्नातक परीक्षा उत्तीर्ण अभ्यार्थियों के परीक्षा के अंकों की मेरिट के आधार पर तथा रिक्त सीटों पर दो वर्षो के अंकों की मेरिट के आधार पर प्रावधिक प्रवेश दिया जाएगा।
एम.बी.ए. तथा एम.सी.ए.पाठ्यक्रम में 24 अक्टूबर तक रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी रहेगी। च्वाइस फिलिंग 15 से 28 अक्टूबर तक, 25 एवं 26 अक्टूबर तक त्रुटि सुधार, 29 अक्टूबर को कॉमन मेरिट सूची जारी की जाएगी। इसी क्रम में 9 नवम्बर तक आवंटन-पत्रों की ऑनलाइन उपलब्धता, संस्था में उपस्थिति, मूल दस्तावेजों का सत्यापन एवं प्रवेश प्रक्रिया होगी। कॉलेज लेवल काउंसलिंग 10 से 13 नवम्बर तक होगी तथा 11 से 13 नवम्बर तक इच्छुक संस्था में प्रवेश के लिए उपस्थित होना होगा। प्रावधिक रूप से प्रवेशिक अभ्यार्थियों को संबंधित विश्वविद्यालय में पंजीयन से पूर्व अर्हताकारी परीक्षा के उत्तीर्ण परिणाम की अंक सूची प्रस्तुत कर एआईसीटीई द्वारा एम.बी.ए. पाठ्यक्रम के लिए निर्धारित पात्रता सुनिश्चित करवाना अनिवार्य होगा अन्यथा उनका प्रवेश स्वत: ही निरस्त माना जायेगा।

 

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये