प्रदेश में गो-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए बनाई गई है गो-केबिनेट: मुख्यमंत्री श्री चौहान

सालरिया गो-अभ्यारण्य को बनाया जाएगा आदर्श
भोपाल।
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि प्रदेश में गो-संरक्षण एवं संवर्धन के लिए गो-केबिनेट बनाई गई है। प्रदेश में गो-पालन एवं गो-उत्पादों को अधिक से अधिक बढ़ावा दिया जाएगा। इसमें जनता एवं समाजसेवी संगठनों की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित की जाएगी। गोपाष्टमी के दिन वे स्वयं सबसे बड़े गो-अभ्यारण्य सालरिया जाकर गो-पूजन करेंगे तथा वहां गो-सेवा विशेषज्ञों के साथ संगोष्ठी कर गो-संरक्षण एवं संवर्धन के संबंध में विचार-विमर्श करेंगे। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि सालरिया गो-अभ्यारण्य को आदर्श के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान आज मंत्रालय में सालरिया गो-अभ्यारण्य में 22 नवम्बर गोपाष्टमी को होने वाले आयोजन की तैयारियों की समीक्षा कर रहे थे। बैठक में मुख्य सचिव श्री इकबाल सिंह बैंस, अपर मुख्य सचिव श्री मनोज श्रीवास्तव, अपर मुख्य सचिव श्री जे.एन. कंसोटिया सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गो-पालन के अंतर्गत देशी नस्ल को बढ़ावा दिया जाएगा। गो-काष्ठ लकड़ी का श्रेष्ठ विकल्प है, अत: इसका उत्पादन बढ़ाया जाएगा। साथ ही गाय के दूध से निर्मित विभिन्न सामग्रियों, गोबर एवं गो-मूत्र से बने उत्पादों को भी बढ़ावा दिया जाएगा। गो-अभ्यारण्य सालरिया में एक आधुनिक गो-अनुसंधान केन्द्र भी खोला जाएगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रदेश में गो-संवर्धन एवं गो-संरक्षण के लिए अन्य प्रदेशों की तरह 'काऊ सैस' (गो-सेवा कर) लगाए जाने पर भी विचार किया जा रहा है। इससे गो-पालन के लिए पर्याप्त राशि सरकार को प्राप्त हो सकेगी तथा इस पावन कार्य में सभी की भागीदारी भी होगी। सालरिया गो-अभ्यारण्य में गोपाष्टमी के दिन होने वाले आयोजन में देशभर के 14 प्रमुख गो-विशेषज्ञ शामिल हो रहे हैं, जिनके साथ मुख्यमंत्री संगोष्ठी कर प्रदेश में गो-संरक्षण एवं संवर्धन के संबंध में चर्चा करेंगे।

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