28 दिसंबर को बांटे जाएंगे राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार 2019 के खेल पुरूस्कार दिए जाएंगे

ग्वालियर। मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों को 28 दिसंबर को राज्य स्तरीय खेल पुरस्कार दिए जाएंगे। इस अवसर पर सीएम शिवराज सिंह चौहान खिलाड़ियों और कोच को सम्मानित करेंगे। कार्यक्रम में विक्रम,एकलव्य, विश्वामित्र एवं लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार का वितरण होगा खेल एवं युवा कल्याण मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया, पदमश्री, अर्जुन एवं द्रोणाचार्य अवार्डी जसपाल राणा भी उपस्थिति रहेंगे। 2019 के लिए ओलिंपियन हॉकी खिलाडी इनाम -उर -रेहमान को मिलेगा लाइफ टाइम अचीवमेंट पुरस्कार। कार्यक्रम भोपालके मिंटो हॉल में होगा। इसमें कुल 23 खिलाड़ी 3 कोच का सम्मान होगा।
एकलव्य पुरस्कारों के लिए 13 चयनित खिलाड़ी
भिण्ड के अजातशत्रु शर्मा केनोइंग-कयाकिंग,
देवास के आदित्य दुबे सॉफ्ट टेनिस,
खरगौन के ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर शूटिंग
भोपाल की कु. गार्गी सिंह परिहार कराते
जबलपुर की कु. अंशिता पाण्डे वूशु
इंदौर के परम पदम् बिरथरे तैराकी
भोपाल के शंकर पाण्डेय फैंसिंग
उज्जैन के अक्षत जोशी घुड़सवारी
इंदौर की अनुषा कुटुम्बले टेबल-टेनिस
धार के प्रियांशु राजावत बेडमिंटन
राजगढ़ के श्री गोविन्द बैरागी सेलिंग
टीकमगढ़ की कु. शिवांगनी वर्मा सॉफ्टबॉल
ग्वालियर की कु. इशिका चौधरी हॉकी
इंदौर की कु. नित्यता जैन शतरंज
विक्रम पुरस्कार-2019 के लिए 10 चयनित खिलाड़ी
भोपाल की राजेश्वरी कुशराम केनोइंग-कयाकिंग,
भोपाल के फराज खान घुड़सवारी
इंदौर के अद्वेत पागे तैराकी
जबलपुर की .मुस्कान किरार आर्चरी
देवास के जय मीणा सॉफ्ट टेनिस
भोपाल की चिंकी यादव शूटिंग
इंदौर की पूजा पारखे सॉफ्टबॉल
ग्वालियर की कु. करिश्मा यादव हॉकी
दिव्यांग वर्ग में जानकी बाई जूडो
भोपाल के चंद्रकांत हरडे थ्रो-बॉल
विश्वामित्र पुरस्कार-2019 के लिए 3 कोच चयनित
इंदौर के अभिलाष एमटी तैराकी
भोपाल के गिरधारी लाल यादव सैलिंग
इंदौर के शरद जपे खो-खो

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये