केंद्रीय मंत्री तोमर व सिंधिया ने दिया आश्वासन, ग्वालियर व्यापार मेला इस बार भी जरूर लगेगा

ग्वालियर। भारत सरकार के कैबिनेट मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं राज्यसभा सदस्य ज्योतिरादित्य सिंधिया ने आज महाराजपुरा विमानतल पर श्रीमन्त माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि ग्वालियर व्यापार मेला का आयोजन इस बार भी अनिवार्य रूप से होगा एवं मेला को स्थगित किए जाने जैसी कोई बात नहीं है, राज्य सरकार ग्वालियर के इस एक शताब्दी पुराने आयोजन की परंपरा को इस वर्ष भी जारी रखने के लिए प्रतिबद्ध व संकल्पित है। दोनों वरिष्ठ नेताओं ने मेला व्यापारी संघ के सदस्यों द्वारा दिए ज्ञापन का गंभीरतापूर्वक अवलोकन करने के उपरांत कहा कि मेला व्यापारी, दुकानदार एवं सैलानी निश्चिंत रहें, सरकार पर भरोसा रखें क्योंकि कोरोनाकाल में सभी जरूरी एहतियात के साथ ग्वालियर मेला आयोजित करने के लिए आवश्यक प्रबंध व औपचारिकताएँ पूर्ण करने के लिए प्रक्रिया प्रारंभ की जा रही है।
ग्वालियर व्यापार मेला व्यापारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने आज सुबह ग्वालियर प्रवास पर आए केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर व सांसद ज्योतिरादित्य सिंधिया को नौ सूत्री ज्ञापन भेंटकर ग्वालियर व्यापार मेला 10 जनवरी से लगाए जाने, मेला अवधि 50 दिन की करने एवं आरटीओ शुल्क में 50 फीसदी छूट देने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल में ग्वालियर मेला व्यापारी संघ के अध्यक्ष महेंद्र भदकारिया, सचिव महेश मुदगल, उमेश उप्पल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष अनिल पुनियानी, संजय दीक्षित, सुरेश हिरयानी, रामबाबू कटारे, महेन्द्र सेंगर, सुरेश गौड़, शाहिद खान, कल्ली पण्डित, अनुजसिंह, रूपेश केन, जगदीश उपाध्याय, यो अचल भदकारिया सहित बड़ी संख्या में मेला व्यापारीगण सम्मिलित थे। मेला व्यापारियों का कहना है कि अब कोरोना संक्रमण कम हो चुका है। सिर्फ कोरोना का तर्क देकर ग्वालियर व्यापार मेला को स्थगित या टाला नहीं जा सकता है। कोरोना से सैलानियों एवं दुकानदारों के बचाव के लिए मेला व्यापारी संघ सेनेटाइजेशन, मास्क एवं सोशल डिस्टेसिंग जैसे सभी अनिवार्य इंतजाम खुद करने के लिए तैयार है, इसलिए प्रशासन को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।
ग्वालियर मेला व्यापारी संघ के सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों ने तोमर एवं सिंधिया से आग्रह किया कि श्रीमन्त माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला वर्ष 2020-21 के आयोजन को प्रति वर्षानुसार इस वर्ष भी कोरोना की पूर्ण एहतियात के साथ निर्विध्न ढंग से आयोजित किया जाए एवं इस हेतु तत्काल तैयारियां प्रारंभ की जाएं। मेला व्यापारी संघ ने यह भी मांग की कि ग्वालियर व्यापार मेला हर स्थिति में 10 जनवरी से ही लगाया जाए और यह 50 दिन से कम का नहीं होना चाहिए। म.प्र. शासन द्बारा वर्ष २०१९ में ग्वालियर व्यापार मेला में बिकने वाले वाहनों के रजिस्ट्रेशन शुल्क में ५० प्रतिशत की छूट इस वर्ष भी दी जाए।
मेला व्यापारी संघ ने कहा कि श्रीमंत माधवराव सिंधिया ग्वालियर व्यापार मेला, महान सिंधिया राजवंश द्बारा प्रारंभ किया गया ११४ वर्ष पुराना व्यापार मेला है जो प्रति वर्ष दिसंबर माह से प्रारंभ होकर फरवरी माह तक चलता है। कै. माधवराव सिंधिया ने ग्वालियर मेला को राज्यस्तरीय दर्जा दिलाते हुए प्रथम बार सेल्स टैक्स में 50 प्रतिशत रियायत दिलाई तो उनके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया ने ग्वालियर मेला को प्रगति के उत्कर्ष पर पहुंचाने के लिए गंभीर प्रयत्न किए। ग्वालियर मेला में न सिर्फ ग्वालियर-चम्बल बल्कि मप्र व देशभर के लगभग ३००० छोटे-बड़े कारोबारी भाग लेते हैं और ग्वालियर-चंबल संभाग के साथ-साथ म.प्र. के दूरस्थ क्षेत्रों के लोग इसे देखने आते हैं। इस वर्ष ग्वालियर मेला को स्थगित या विलंबित कर ग्वालियर की इस शानदार परंपरा में कोई अवरोध उत्पन्न न किया जाए।
केंद्रीय मंत्री नरेन्द्र सिंह तोमर एवं सिंधिया ने मेला व्यापारियों द्वारा दिए ज्ञापनपत्र को स्वीकार करते हुए आश्वस्त किया कि राज्य सरकार इस वर्ष भी मेला लगाने के लिए प्रतिबद्ध है एवं ग्वालियर के व्यापार-व्यवसाय व सांस्कृतिक जगत के पर्याय बन चुके इस वार्षिक आयोजन को टाला नहीं जाएगा।

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