चीन सीमा पर तैनात जवानों सैनिकों को वैक्सीन लगाने की तैयारी, सरकार ने बनाया पूरा प्लान

नई दिल्ली। चीन सीमा (एलएसी) और पाकिस्तान सीमा (एलओसी) पर बहुत ऊंचाई वाले इलाकों में तैनात सैनिकों को कोरोना का टीका लगाने की भी तैयारियां हो रही हैं। इसके लिए सैन्य यूनिटों में विशेष टीकाकरण केंद्र बनाए जाएंगे। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने मंगलवार को कहा कि इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन हर राज्य में सैन्य यूनिटों में टीकाकरण के लिए केंद्र बनाएगा। टीके उन सैनिकों को भी लगेंगे, जो बेहद ऊंचाई वाले बर्फीले इलाकों में तैनात हैं और जहां आने वाले दिनों में और ज्यादा बर्फ गिर सकती है। इसके लिए जरूरी इंतजाम किए जा रहे हैं।
उनका कहना था कि कोरोना की वैक्सीन को देश के कोने-कोने तक पहुंचाने के लिए जरूरी इंतजाम जोरों पर हैं। वैक्सीन को रखने के लिए देश भर में 29 हजार कोल्ड चेन पॉइंट्स बनाए गए हैं। इसके साथ ही 240 सचल कूलर, 70 सचल फ्रीजर, 45 हजार बर्फ की परत वाले रेफ्रिजिरेटर्स, 41 हजार डीप फ्रीजर और तीन सौ सोलर रेफ्रिजिरेटर्स का भी इस्तेमाल किया जाएगा। भूषण ने बताया कि वैक्सीनेशन के लिए देश के 633 जिलों में टास्क फोर्स का गठन किया गया है और इस काम से जुड़ने वाले स्टाफ को ट्रेनिंग दी जा रही है। टीके लगाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार के 23 मंत्रालय और विभाग मिलकर काम करेंगे। उन्होंने कहा कि टीके से साइड इफेक्ट्स के हालात से निपटने के लिए देश के हर ब्लॉक में एक सेंटर होगा। ये सेंटर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, जिला अस्पतालों और निजी अस्पतालों में बनाए जाएंगे। भूषण के मुताबिक, सरकार का प्रयास है कि टीकों को मंजूरी मिलते ही इन्हें लगाने का काम जल्द से जल्द शुरू कर दिया जाए। सरकार का इरादा देश के हेल्थ केयर वर्कर्स को टीका लगने के बाद सैन्य बलों और फ्रंटलाइन वर्कर्स को वैक्सीन देने का है।

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