अब जनता सीधे तौर पर महापौर को चुनेगी, शिवराज मंत्रिमंडल ने लगाई मुहर


भोपाल। आगामी नगरीय निकाय चुनाव में अब जनता सीधे तौर पर महापौर को चुनेगी. इस फैसले पर शिवराज मंत्रिमंडल ने मुहर लगा दी है. मंगलवार को सीएम शिवराज ने राज्य मंत्रालय में मंत्रिमंडल की वर्चुअल बैठक हुई. इस बैठक में 12 प्रस्तावों पर निर्णय लिया गया है. इस दौरान शिवराज मंत्रिमंडल ने महापौर चुनाव की पुरानी व्यवस्था को लागू करने के लिए नगर पालिका विधि संशोधन विधेयक को अपना समर्थन दे दिया है. इसके अलावा नगर निगम और नगर पालिका क्षेत्रों में संपत्ति कर की वसूली अब कलेक्टर गाइडलाइन के हिसाब से की जाएगी. शिवराज मंत्रिमंडल ने मध्य प्रदेश नगर पालिका विधि संशोधन विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी है.
इन प्रस्तावों को मिली सहमति : मंत्रालय में हुई कैबिनेट की वर्चुअल बैठक मैं कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए है. बैठक की जानकारी देते हुए नगरीय प्रशासन एवं आवास मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि मध्य प्रदेश नगर पालिका अधिनियम 1961 की धारा में संशोधन के प्रस्ताव पर अपनी सहमति दी गई है. इसके तहत अब प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव में जनता पहले की तरह महापौर को सीधे चुनेगी.
नगर पालिका और नगर निगम में संपत्ति कर का निर्धारण कलेक्टर गाइडलाइन के आधार पर किया जाएगा. इससे सरकार का राजस्व बढ़ेगा.
भोपाल और इंदौर शहरों में मेट्रो रेल परियोजना के क्रियान्वयन के लिए भूमि अधिग्रहण पुनर्वास और पुनर्विवाह स्थापना के लिए एंटरटेनमेंट मैट्रिक्स के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई है. इसके तहत आपसी समझौते के आधार पर मेट्रो के लिए भूमि का अधिग्रहण किया जाएगा. बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने निर्देश दिया है कि मेट्रो के लिए भूमि लेते वक्त छोटे दुकानदारों और गुमटी संचालकों को मुआवजा भी दिया जाएगा.
कैबिनेट ने मध्य प्रदेश सड़क विकास निगम अंतर्गत पूर्व निर्मित मार्गों पर यूजर की कलेक्शन एजेंसी के जरिए उपभोक्ता शुल्क वसूली की स्वीकृति दे दी गई है. इसके बाद मध्य प्रदेश के 13 स्टेट हाईवे पर टोल टैक्स वसूला जाएगा. नगरीय प्रशासन मंत्री भूपेंद्र सिंह ने बताया कि इन मार्गों का रिनोवेशन किया जाएगा और उसके बाद टोल टैक्स की वसूली की जाएगी.
राष्ट्रीय जल स्रोत संरक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत शिवपुरी शहर स्थित जिलों के पर्यावरण उन्नयन और संरक्षण परियोजना के लिए 19.55 करोड़ रुपए के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है.
कोरोना के कारण लॉकडाउन अवधि में लोक सेवा केंद्रों के बंद रहने के कारण टेंडर प्रक्रिया नहीं होने की वजह से लोक सेवा केंद्रों के अनुबंध की अवधि को 6 महीने और बढ़ाने की मंजूरी भी दे दी गई है.
मेडिकल कॉलेज शिवपुरी के भवन और परिसर निर्माण को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी है. यहां 300 बेड वाले अस्पताल की व्यवस्था की जाएगी.

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