शार्दुल बोले- ‘10 गेंद’ के टेस्ट पदार्पण के बाद वापसी करना और टीम के लिए योगदान देना सपना सच होने जैसा

ब्रिस्बेन। शार्दुल ठाकुर का टेस्ट में 2018 में पदार्पण बेहद ही निराशाजनक रहा था जब यह भारतीय तेज गेंदबाज वेस्टइंडीज के खिलाफ सिर्फ 10 गेंद फेंकने के बाद चोटिल होकर मैच से बाहर हो गया था लेकिन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यहां जारी चौथे टेस्ट मैच में गेंद और बल्ले से टीम के लिए योगदान देना उनके लिए सपना सच होने जैसा है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहली पारी में तीन विकेट लेने वाले शार्दुल ने भारतीय पारी में सबसे ज्यादा 67 रन बनाने के साथ वॉशिंगटन सुंदर (62) के साथ सातवें विकेट के लिए रविवार तीसरे दिन 123 रन की साझेदारी कर मैच में भारत की वापसी कराई।
उन्होंने ‘बीसीसीआई डॉट टीवी’ के लिए अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन को दिए साक्षात्कार में कहा, ‘सिर्फ 10 गेंद कर चोटिल होने से चीजें आसान नहीं होती है। मैं घरेलू क्रिकेट में वापस गया और जो भी मौका मिला उसमें मेहनत की।’ उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट खेलने के लिए फिर से दो साल का इंतजार करना और पहली ही गेंद पर विकेट (मार्कस हैरिस का) मिलना किसी सपने के सच होने जैसा है। टीम के लिए योगदान देने की मुझे खुशी है।’ अक्टूबर 2018 में हैदराबाद में वेस्टइंडीज के खिलाफ टेस्ट मैच के पहले दिन 10 गेंद की गेंदबाजी करने के बाद शार्दुल को कमर की मांसपेशियो में खिचांव के कारण मैदान छोड़ना पड़ा था। ऑस्ट्रेलिया के 369 रन के पहली पारी के स्कोर के जवाब में भारतीय टीम का स्कोर एक समय छह विकेट पर 186 रन था तब शार्दुल और सुंदर की लगभग 36 ओवर तक चली साझेदारी के दम पर भारतीय टीम पहली पारी में 336 रन बनाने में सफल रही। अपनी पारी का आगाज छक्के से करने वाले शार्दुल ने छक्का लगाकर टेस्ट में पहला अर्धशतक पूरा किया।
इस बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘उस समय मैं छक्का लगाने के बारे में नहीं सोच रहा था, यह सिर्फ एक प्रतिक्रिया थी। मैंने गेंद को देखा और सहज रूप से खेला। यह मेरे लिए अच्छा साबित हुआ। मैं इसे लेकर खुश हूं।’ पारी के दौरान आकर्षक कवर ड्राइव के बारे में पूछे जाने वर उन्होंने कहा, ‘‘ईमानदारी से कहूं तो मैंने उसके लिए अभ्यास नहीं किया है लेकिन यह उन दिनों में से एक था जब मैं वास्तव में अच्छी बल्लेबाजी कर रहा था। मैं किसी भी मौके को गंवाना नहीं चाहता था और हर कमजोर गेंद को अपने तरीके से खेला।’ सुंदर के लिए टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण शानदार रहा, उन्होंने स्टीव स्मिथ के रूप में अपना पहला विकेट लेने के बाद अर्धशतकीय पारी खेली। अश्विन ने जब इस बारे में पूछा तो उन्होंने कहा, ‘टेस्ट क्रिकेट सबसे मुश्किल प्रारूप है। इस तरह से शुरुआत करने पर मैं काफी खुश हूं।’ इस टेस्ट में पदार्पण कर रहे एक और तेज गेंदबाज टी नटराजन ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया की पहली पारी में तीन विकेट लेने के लिए उन्होंने कुछ ज्यादा प्रयास नहीं किया । उन्होंने कहा, ‘मैंने ज्यादा कोशिश नहीं की। मैंने ‘अराउंड द विकेट’ से गेंदबाजी इसलिए कर रहा था क्योंकि यह टीम की योजना थी।’

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