हर वार्ड में स्वच्छता के लिए बनाए जायेंगे 50 – 50 शहर दूत


ग्वालियर को मिली थ्री स्टार रैंकिंग की ट्रॉफी एवं प्रमाण-पत्र ।संभाग आयुक्त श्री सक्सेना एवं कलेक्टर श्री सिंह ने स्वच्छता के संबंध में अधिकारियों की बैठक ली।

ग्वालियर । ग्वालियर नगर निगम को गार्वेज फ्री सिटी और थ्री स्टार रैंकिंग की ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र भारत सरकार द्वारा प्रदान किया गया है। स्टार रैंकिंग और गार्वेज फ्री सिटी की ट्रॉफी और प्रमाण-पत्र संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक श्री आशीष सक्सेना एवं नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने कलेक्टर ग्वालियर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह को प्रदान किया। इसके साथ ही इस बार ग्वालियर को फाईव स्टार रैकिंग दिलाने के लिये सभी को पूर्ण रूप से कार्य करने का आह्वान भी किया गया।
शहर की स्वच्छता व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिये जिला स्तरीय अधिकारियों को भी एक – एक वार्ड की जवाबदारी सौंपी गई है। जिला स्तरीय अधिकारियों और नगर निगम के वार्ड मॉनीटरों की एक बैठक गुरूवार को नगर निगम के बाल भवन में आयोजित की गई। बैठक में संभागीय आयुक्त एवं नगर निगम प्रशासक श्री आशीष सक्सेना, कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह, पुलिस अधीक्षक श्री अमित सांघी और नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने संबोधित कर स्वच्छता के कार्य को और बेहतर कैसे किया जा सकता है इस संबंध में मार्गदर्शन दिया। इस मौके पर सीईओ स्मार्ट सिटी श्रीमती जयति सिंह, एडिशनल एसपी श्री पंकज पाण्डेय, अपर कलेक्टर श्री नरोत्तम भार्गव, अपर कलेक्टर श्री मुकुल गुप्ता सहित जिला स्तरीय अधिकारी और नगर निगम के वार्ड मॉनीटर उपस्थित थे।
संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने कहा कि स्वच्छता का कार्य केवल नगर निगम का नहीं है बल्कि इस कार्य में सभी विभागों का सहयोग अपेक्षित है। जिला अधिकारियों को जिन वार्डों की जवाबदारी सौंपी गई है वे अपने-अपने वार्डों में जाकर स्वच्छता के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की मॉनीटरिंग करें और अगर कहीं कमी है तो उसे दूर कराने की कार्रवाई भी करें। उन्होंने कहा कि सभी जिला अधिकारियों को भी गंदगी फैलाने वालों के विरूद्ध जुर्माना करने के अधिकार दिए जा रहे हैं। जिला अधिकारी भी भ्रमण के दौरान निर्धारित राशि का जुर्माना कर राशि वसूल कर सकते हैं।
संभाग आयुक्त श्री आशीष सक्सेना ने यह भी कहा कि शासकीय प्रयासों के साथ-साथ हर वार्ड में 50 – 50 शहर दूत भी बनाए जाएँ। ऐसे लोग जो स्वच्छता के कार्य के लिये स्वेच्छा से कार्य करने और जन जागृति के कार्य में सहयोग कर सकते हैं उन्हें शहर दूत बनाया जाए। शहर दूत को निगम की ओर से परिचय पत्र भी प्रदान किया जाए। शहर दूत बनाने के लिये ऑनलाइन पंजीयन की भी सुविधा विकसित की जाए। उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि नगर निगम द्वारा जिन लोगों को वेण्डर प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए हैं उन्हें और जिन दुकानदारों को लायसेंस जारी किए गए हैं उन सबको भी नोटिस जारी कर कहा जाए कि वे अपने संस्थान के आस-पास गंदगी न होने दें। नोटिस के बाद भी अगर गंदगी पाई जाए तो संबंधित के विरूद्ध चालान की कार्रवाई की जाए। इसके साथ ही हॉकर्स जोनों में ठेले शिफ्ट कराने की कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए।
संभाग आयुक्त श्री सक्सेना ने यह भी कहा कि रेलवे स्टेशन, बस स्टेण्ड और आश्रय स्थलों पर सर्दी के मौसम को देखते हुए अलाव जलाने की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाए। इन स्थानों पर साफ-सफाई की व्यवस्था भी चाक-चौबंद हो यह भी सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी जिला अधिकारियों को कहा कि वे अपने भ्रमण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों का अवश्य निरीक्षण करें। सभी सार्वजनिक शौचालय साफ-सुथरे हों और उनमें पानी की व्यवस्था भी हो यह सुनिश्चित किया जाए। कहीं पर भी खुले में शौच न हो यह सुनिश्चित हो तथा सार्वजनिक स्थानों पर लोग खड़े होकर पेशाब न करें, यह भी देखा जाए। ऐसे स्थान जहाँ पर लोग आदतन पेशब करते हैं उन स्थानों को व्यवस्थित कराने की जवाबदारी भी वार्ड मॉनीटर की होगी।
कलेक्टर श्री कौशलेन्द्र विक्रम सिंह ने जिला अधिकारयों से कहा कि वे अपने कार्य के साथ-साथ साफ-सफाई की व्यवस्था का भी निरीक्षण करें। निरीक्षण के दौरान सार्वजनिक शौचालयों और मूत्रालयों का निरीक्षण करें और व्यवस्थायें चाक-चौबंद रहें यह सुनिश्चित करें। कहीं पर भी अगर व्यवस्थायें ठीक नहीं हैं तो निगम के माध्यम से ठीक कराएँ। सभी जिला अधिकारी प्रतिदिन अंतरविभागीय समन्वय समिति की बैठक में सप्ताह भर में किए गए कार्यों की प्रगति से भी अवगत करायें।
नगर निगम आयुक्त श्री संदीप माकिन ने कहा कि स्वच्छता के कार्य में सभी का सहयोग अपेक्षित है। जिला प्रशासन द्वारा जिन अधिकारियों को स्वच्छता के कार्य में मॉनीटरिंग की जवाबदारी सौंपी है वे भी हमें सहयोग प्रदान करें ताकि शहर को और स्वच्छ व सुंदर बनाया जा सके। नगर निगम द्वारा शहर की स्वच्छता के साथ-साथ चौराहों व डिवाइडरों को साफ-सुथरा करने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके साथ ही सड़कों पर लम्बे समय से खड़े वाहनों को भी निगम हटाने की कार्रवाई शीघ्र प्रारंभ करेगा। ऐसे लोगों के विरूद्ध अर्थदण्ड की भी कार्रवाई की जायेगी।

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ग्वालियर:- स्मार्ट सिटी के द्वारा विकसित किये जा रहे डिजीटल म्यूजियम और प्लेनेटोरियम का काम अंतिम चरण में है, और जल्द ही इसके पूर्ण होने पर एक बडी सौगात ग्वालियर शहर को मिल सकेगी। यह बात स्मार्ट सिटी के कंट्रोल कमांड सेंटर में पत्रकारो से हुई अनौपचारिक चर्चा के दौरान ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह ने कही। आज पत्रकारो से इस अनौपचारिक चर्चा का उद्देश्य डिजीटल म्यूजियम के बारे में जानकारी साझा कर महत्वपूर्ण सुझाव लेना था। ग्वालियर स्मार्ट सिटी सीईओ श्रीमती जयति सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा बनाया जा रहा संग्रहालय और तारामंडल परियोजना में संग्रहालय का कार्य अंतिम चरण में है और जल्द ही इस ग्वालियर की जनता को समर्पित कर दिया जायेगा। श्रीमती सिंह ने बताया कि इस डिजीटल संग्रहालय में संगीत, चित्र कला, शिल्पकला, पारम्परिक परिधान आदि के विषय विशेषज्ञों बुद्धिजीवी, पत्रकार इतिहासकार सहीत समाज के विभिन्न वर्गो से राय और सुझाव लिये जा रहे है। ताकि शहर में बनने वाले डिजीटल म्यूजियम को भव्यता प्रदान की जा सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि इस संग्रहालय में ग्वालियर की स्थापत्य शैली, वस्तु, परिधान, जीवनशैली, वाद्य यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प, सांस्कृतिक परंपरा, चित्रकारी सहीत कई विधाओ को आधुनिक तरिके से डिजिटली प्रदर्शित किया जायेगा। उल्लेखनीय है कि ग्वालियर संभाग की स्थानीय चितौरा कला, मधुमती कला तथा मृणुशिल्प जैसी कलाओं को प्रमुख रूप से इस संग्रहालय में प्रदर्शित किया जायेगा। ताकि लुप्त हो रही इन कलाओ को पुर्नजीवित किया जा सके। यहां पर आकर पर्यटक 16 गैलरियों में सजे ग्वालियर के इतिहास, यंत्र, आभूषण, हस्तशिल्प और अन्य बातो को अत्याधुनिक आईटी उपकरणो का प्रयोग करके देख सकेंगे। इस संग्रहालय में वर्चुअल रियलटी का समावेश भी किया जायेगा जिसके द्वारा सैलानी इतिहास की किसी स्थल की वास्तविकता को महसूस कर सकेगे। श्रीमती सिंह नें चर्चा के दौरान जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर की ऐसी प्राचीन कला, संगीत, शिल्प इत्यादी जो कि अब लुप्त हो चुकी या लुप्त होने की कगार पर है उनके बारे में विषय विशेषज्ञयो की सहायता से पूरी जानकारी जुटाई जा रही है ताकि उन्हे इस संग्रहालय में शामिल किया जा सके। श्रीमती सिंह नें सभी से अपील की वह अपने क्षेत्र के बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी दे ताकि ग्वालियर और ग्वालियर के आसपास की कला-संस्कृति को इस संग्रहालय में शामिल करने के साथ साथ स्थानीय कलाकारों को भी ज्यादा से ज्यादा इस परियोजना से जोडा जा सके। ताकि स्थानीय कला और कलाकारो को एक पहचान मिल सके औऱ अन्य लोग उनके बारे में जान सके। श्रीमती सिंह नें जानकारी देते हुये बताया कि विभिन्न प्रमोशन औऱ प्रतियोगिताओ के द्वारा भी स्मार्ट सिटी कार्पोरेशन द्वारो स्थानीय कलाकारों को मौका दिया जा रहा है ताकि वह इस संग्रहालय में अपनी अपनी भागीदारी दे सके। गौलतलब है कि इस भवन के पीछे के भाग में एक तारामंडल भी विकसित किया जा रहा है। इस केंद्र को ग्वालियर के पर्यटन मानचित्र में एक अहम बिंदु के रूप में माना जा रहा है। ग्वालियर व बुंदेलखंड संभाग में यह अपनी तरह का पहला केंद्र होगा तथा स्कूल के छात्रों को शिक्षित करने भी भूमिका निभाएगा। डिजीटल संग्रहालय और प्लेनेटोरियम प्रोजेक्ट की लागत लगभग 7 करोड रुपये है और इसे 3500 वर्गफीट एरिया में तैयार किया जा रहा है। श्रीमती सिंह ने स्मार्ट सिटी की अन्य परियोजनाओ की जानकारी देते हुये बताया कि ग्वालियर स्मार्ट सिटी द्वारा कई महत्वपूर्ण परियोजनाये जिनमें डिजीटल सेट्रल लाईब्रेरी, स्मार्ट वाँश रुम कैफे, प्लेग्राउंड, वेस्ट टू आर्ट, सेल्फी पाँइट सहीत ऐसी कई परियोजनाये अपने अंतिम चरण में है जिनके पूर्ण होने पर शहर में जल्द ही परिवर्तन देखने को मिलेगा। वही उन्होने शहर के सभी वर्गो से अपील करते हुये कहाँ कि विकास के लिये प्रशासनिक व्यवस्था का दायित्व जितना महत्वपूर्ण है उतना ही समाज के हर वर्ग का भी योगदान रहता है दोनो के संयुक्त प्रयास और समन्वयन से ही विकास संभव हो पाता है। स्मार्ट सिटी का पूरा प्रयास रहेगा कि विकास के लिये सभी विभागो के साथ बेहतर तालमेल बनाकर समन्वय के साथ कार्य किया जाये