फूड विभाग की टीम देखकर भागे दुकानदार, मावा की 8 दुकानें की सील


ग्वालियर. मिलावटी मावा की जांच करने के लिये मोर बाजार में मावा की दुकानों पर टीम पहुंची जो दुकानें बन्द कर दी। जो खुली थीं उनके पास मावा ही नहीं था। टीम को संदेह है कि ऐसा कार्यवाही से बचने के लिये जानबूझकर किया गया है। इसी वजह से खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने 8 दुकानें सींल कर दी।
टीम को देख बन्द की दुकानें
अभिहित अधिकारी (डिप्टी कलेक्टर) संजीव खैमरिया के साथ सभी खाद्य सुरक्षा अधिकारी जब सुबह मोर बाजार पहुंचे तो इन्हें देखकर दुकानदारों ने मावा छिपा दिया और इसकेबाद पूरी टीम पास में बनी मिजाजी मार्केट पहुंची। शक था कि इस मार्केट में मावा व्यापारी गोदाम बनाकर मावे का व्यापार करते हैं। यहां सभी दुकानें बन्द मिली।
मार्केट के मालिक ने बताये दुकानदारों के नाम
मार्केट के मालिक दयाचरण शर्मा को टीम द्वारा पूछा गया कि लोग कहां तो श्री शर्मा ने मार्केट में पप्पू गर्ग, गोपाल अग्रवाल, विक्रम सिंह, जबरसिंह नरवरिया, अजय गर्ग, भोगीराम, मुकेश और श्याम गर्ग की दुकानें है। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने दयाचरण शर्मा को भेजकर सभी दुकानदारों को बुलवाया पर वह नहीं आये।
अभिहित अधिकारी ने सील की 8 दुकानें
इसके बाद अभिहित अधिकारी (डिप्टी कलेक्टर) संजीव खैमरिया ने सभी 8 दुकानें सील करवा दीं। टीम बालाबाई का बाजार में भगवान दास एंड संस पर पहुंची। यहां से लाल व पीला फूड कलर के नमूने लिए गए। चितेराओली में अग्रवाल के मसाले ;अग्रवाल पिसाई केंद्रद्ध की भी जांच टीम ने की। यहां मसालों की पैकिंग होते मिली। पैकेट पर कई जानकारी नहीं थीं। टीम ने हल्दी व मिर्च पावडर का नमूना लिया। चिटनीस की गोठ में एमजे ट्रेडर्स से रजनीगंधा का नमूना भी लिया गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारी गोविंद नारायण सरगैंया व आनंद शर्मा ने तीन दुकानों से जुर्माने की 70 हजार रुपए की वसूली की। मनीष एंड कंपनी व रमेशचंद किराना माधौगज से 25.25 हजार तथा पवन मेडिकल से 20 हजार रुपए अर्थदंड वसूला गया।

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