राजधानी छोड़ प्रदेश के सभी कोविड सेंटर बंद; कमलनाथ का हमला- कोरोना से मौतें जारी हैं और सरकार सेंटर बंद कर रही हैं


भोपाल। राजधानी भोपाल को छोड़कर अन्‍य सभी जगहों पर कोविड केयर सेंटरों को बंद कर दिया है। ये वास्तव में ऐसे सेंटर थे, जिन्हें मामूली लक्षण वाले संदिग्ध मरीजों को भर्ती करने के लिए बनाया गया था। MP स्वास्थ्य संचालनालय के अपर संचालक आईडीएसपी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश में यह भी कहा गया है कि अगर जरूरत पड़ी तो इन सेंटरों को दोबारा चालू किया जा सकता है लेकिन इसके लिए राज्य सरकार से अनुमति लेनी होगी। इस निर्णय के पीछे तर्क दिया गया है कि इन सेंटरों में मरीजों की संख्या न के बराबर थी और कुछ केंद्र तो खाली पड़े हुए थे। हालांकि भोपाल में किसी भी कोविड केयर सेंटर को प्रोटोकॉल के तहत संचालित रखने के निर्देश भी दिए हैं।
इधर, पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शिवराज सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि प्रदेश में कोरोना से मौतें जारी, संक्रमण का आंकड़ा प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। विधानसभा का सत्र तक कोरोना के भय से निरस्त और शिवराज सरकार ने भोपाल को छोड़कर प्रदेश के सभी कोविड केयर सेंटर बंद किये?
प्रदेश में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति तथा अधिकतर कोविड केयर सेंटर की न्यून बेड ऑक्यूपेंसी को दृष्टिगत रखते हुए नीतिगत निर्णय अनुसार, प्रदेश के समस्त कोविड केयर सेंटर (भोपाल को छोड़कर) को एक जनवरी 2021 से बंद किया जाता है।
भविष्य में कोविड-19 से संक्रमित मरीजों की संख्या में वृद्धि होने पर जिलों द्वारा कोविड केयर सेंटर खोले जाने की विशेष अनुमति राज्य स्तर से लेनी होगी।
जिला भोपाल के लिए पूर्व में दी गई स्वीकृति अनुसार, कोविड केयर सेंटर का संचालन निर्धारित प्रोटोकाल अनुसार जारी कर रखा है।
भोपाल में राहत भरी खबर : भोपाल में तेजी से बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के बीच एक राहत भरी खबर सामने आई है। कोरोना से प्रति लोगों की बढ़ती हुई जागरूकता के चलते अब मरीज तेजी से स्वस्थ हो रहे हैं। जिले में बेहतर प्रबंधन और मॉनीटरिंग से कोरोना मरीजों की स्वस्थ होने की दर विगत पांच दिनों से लगातार बेहतर बनी हुई है। इसके चलते शहर में कोरोना मरीजों के स्वस्थ होने की दर एक महीने में 89 से बढ़कर 93.48 फीसद पर पहुंच गई हैं। यह पहली बार है, जब राजधानी में रिकवरी रेट लगभग 94 पर पहुंच गया है।

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