आंसू का असर आपने देख लिया, अब और मजबूत होगा आंदोलन: राकेश टिकैत

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानूनों के खिलाफ गाजीपुर बॉर्डर पर किसानों का जुटना फिर से शुरू हो गया है। एक बार खत्म सा माना जा रहा आंदोलन फिर से उठ खड़ा हुआ है। धरना स्थल पर किसानों के साथ ही राजनीतिक दलों के नेता भी शुक्रवार से पहुंचना शुरू हो गए हैं। धरने में किसानों के लौटने और राजनीतिक दलों के नेताओं के पहुंचने पर भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने स्पष्ट रूप से अपनी राय रखी है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में भावुक होने के बाद आंदोलन के मजबूत होने के लेकर राकेश टिकैत ने कहा कि आंसू बहने का असर आपने देख लिया। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन और मजबूत होगा।
धरने में आम आदमी पार्टी के मनीष सिसोदिया, जयंत चौधरी व अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं के लगातार पहुंचने पर टिकैत ने कहा कि किसी को भी मंच पर कोई जगह नहीं दी जा रही है। आंदोलन के राजनीतिक रूप लेने के सवाल पर टिकैत ने कहा कि यहां से क्या किसी को वोट देने की अपील की जा रही है। दिल्ली में ट्रैक्टर परेड में हिंसा और फिर केस दर्ज होने के बाद गिरफ्तारी के सवाल पर राकेश टिकैत ने कहा कि यदि आंदोलन मैं चलाउंगा तो केस किसी और के खिलाफ दर्ज होगा। उन्होंने कहा कि जेल भी चलेगा और आंदोलन भी चलेगा...कानून का भी पालन होगा। धरने के बीच में गिरफ्तारी के बाद आंदोलन के भविष्य को लेकर सवाल के बारे में टिकैत ने कहा कि यह आंदोलन मैं नहीं बल्कि किसान चला रहे हैं। यह आंदोलन चलता रहेगा। भाजपा को वोट देने और अब पार्टी से नाराजगी के सवाल पर टिकैत ने कहा कि नाराजगी तो अपनों से ही होती है, किसी और से थोड़े होती है। जब हम बराबर-बराबर चलेंगे तो वहीं टांग मारता है जो बराबर में हो।

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