कोरोना काल के बीच स्कूल खोलने की जल्दबाजी क्यों दिखा रहे हैं राज्य

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का प्रकोप ज्यों-ज्यों कम हो रहा है, त्यों-त्यों राज्य सरकारें स्कूल खोलने के फैसले भी ले रही हैं। बिहार और पंजाब में क्रमशः 4 और 7 जनवरी से स्कूल खुल गए तो राजस्थान सरकार ने भी 18 जनवरी से स्कूल-कॉलेज समेत सारे कोचिंग संस्थान भी खोलने की अनुमति दे दी है। लेकिन, हर राज्य से स्कूलों में बच्चों, शिक्षकों और कर्मचारियों के कोरोना पॉजिटिव मिलने की खबरों ने हमें यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि क्या सरकारें कोविड-19 महामारी के खिलाफ टीकाकरण अभियान शुरू होने से पहले स्कूल खोलने में जल्दबाजी दिखा रही हैं? सवाल यह है कि क्या कोरोना टीका लगाए बिना बच्चों के संक्रमित होने का जोखिम उठाना उचित है? ये सवाल इसलिए भी उठ रहे हैं क्योंकि बड़ी संख्या में अभिभावकों को अब भी डर सता रहा है कि कहीं उनके बच्चे स्कूल जाकर कोविड-19 महामारी को न्योता न दे दें।

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