आईटीबीपी ने लद्दाख में नया कमांडर नियुक्त किया

नयी दिल्ली। चीन से लगी ‘वास्तविक नियंत्रण रेखा’ (एलएसी) पर पहरेदारी करने वाली भारत तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) ने लद्दाख में अपने ‘फ्रंटियर’ का नेतृत्व करने के लिए एक नए अधिकारी को नियुक्त किया है। आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को यह जानकारी दी। मणिपुर कैडर के 1999 बैच के अधिकारी ल्हारी दोरजी ल्हातू आईटीबीपी के महानिरीक्षक (आईजी) दीपम सेठ का स्थान लेंगे। अभी तक, सेठ लद्दाख में एलएसी पर तैनात बल की कमान संभाल रहे थे। यहां आईटीबीपी मुख्यालय द्वारा जारी आदेश के अनुसार, उत्तराखंड कैडर के 1995 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) अधिकारी सेठ को दिल्ली स्थित आईटीबीपी मुख्यालय में स्थानांतरित किया गया है। ल्हातू हाल में भी आईटीबीपी में शामिल हुए हैं। इससे पहले वह राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) और विशेष सुरक्षा दल (एसपीजी) में सेवाएं दे चुके हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई भाषा’ से कहा, ‘‘प्रशासनिक एवं रणनीतिक आधार पर यह स्थानांतरण किया गया है।’’
उन्होंने बताया कि आईजी सेठ दिल्ली में आईटीबीपी मुख्यालय में कार्मिक एवं सतर्कता प्रभार संभालेंगे। उन्होंने बताया कि लद्दाख में नए आईजी के आगामी कुछ दिनों में कार्यभार संभालने की उम्मीद है। लेह आईटीबीपी उत्तर-पश्चिम फ्रंटियर का ‘बेस’ है और थलसेना में मेजर जनरल रैंक के समकक्ष आईजी रैंक के अधिकारी इसकी कमान संभालते है, जो चीन से लगी 3,488 किलोमीटर लंबी एलएसी के इस हिस्से में बलों की तैनाती के लिए जिम्मेदार है। सेठ, पूर्वी लद्दाख में सैनिकों को टकराव वाले स्थानों से हटाने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए चीन के साथ वार्ता में केंद्रीय गृह मंत्रालय के प्रतिनिधि के तौर पर विभिन्न सैन्य वार्ताओं का हिस्सा रहे हैं। पूर्वी लद्दाख में पिछले साल मई से दोनों देशों के हजारों सैनिक शून्य डिग्री सेल्सियस से कम तापमान में तैनात है। सेठ ने भारत एवं चीन के बीच सीमा पर गतिरोध के मद्देनजर लद्दाख में अतिरिक्त आईटीबीपी बलों को शामिल किए जाने की प्रक्रिया की भी निगरानी की है।

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