पाकिस्तान के न्यायालय ने पर्ल मामले में आरोपियों की रिहाई पर रोक के अनुरोध को खारिज किया

इस्लामाबाद। पाकिस्तान के उच्चतम न्यायालय ने अमेरिकी पत्रकार डेनियल पर्ल की हत्या के मामले में अलकायदा के आतंकी अहमद उमर सईद शेख और उसके तीन सहयोगियों को रिहा करने के आदेश को निलंबित करने के सरकार के अनुरोध को सोमवार को खारिज कर दिया। अदालत ने हालांकि मामले में सरकार का पक्ष जानने के एक दिन बाद मुख्य आरोपी शेख और उसके सहयोगियों फहद नसीम, शेख आदिल और सलमान साकिब की अंतरिम हिरासत बढ़ाने के आदेश को मंजूर कर लिया। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ के मुताबिक, पाकिस्तान के अटॉर्नी जनरल ने सोमवार को सुनवाई में उच्चतम न्यायालय से आरोपी को रिहा करने के फैसले पर रोक लगाने का आग्रह किया ताकि वह मामले में विस्तार से दलीलें दे सकें। उच्चतम न्यायालय ने अनुरोध को खारिज कर दिया। उच्चतम न्यायालय ने सिंध उच्च न्यायालय द्वारा आरोपियों को बरी किए जाने के खिलाफ अपीलों को खारिज करते हुए उन्हें रिहा करने का आदेश दिया था। सिंध सरकार ने शेख और उसके तीन सहयोगियों को बरी किए जाने के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में एक पुनर्विचार याचिका भी दाखिल की थी। अमेरिका और संयुक्त राष्ट्र से दबाव बढ़ने के बीच पाकिस्तान अटॉर्नी जनरल (एजीपी) के प्रवक्ता ने शनिवार को कहा कि संघीय सरकार मामले में पक्ष बनाने के लिए शीर्ष अदालत में एक उपयुक्त याचिका दायर करेगी और 28 जनवरी के अदालत के फैसले को रद्द किए जाने का अनुरोध करेगी। ‘वालस्ट्रीट जर्नल’ के पत्रकार पर्ल (38) को 2002 में अगवा कर उनका सिर कलम कर दिया गया था। उस समय वह पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई और अलकायदा के बीच जुड़ाव की छानबीन कर रहे थे। बहरहाल, पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने रविवार को कहा कि पाकिस्तान मामले में मुख्य आरोपी को अमेरिका के हवाले नहीं करेगा। अमेरिका के विदेश मंत्री एंटोनी ब्लिंकन से फोन पर बात करने के बाद उन्होंने यह टिप्पणी की। ब्लिंकन ने शेख पर अमेरिका में मुकदमा चलाने की पेशकश की थी। शीर्ष अदालत के फैसले पर भी ब्लिंकन ने गहरी चिंता व्यक्त की थी।

 

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